ऑपरेशन समुद्र सेतु II


भारतीय नौसेना ने ऑक्सीजन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चलाये जा रहे राष्ट्रीय मिशन को आगे बढ़ाते हुए 1 मई, 2021 को ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु II’ लॉन्च किया है।

  • ऑपरेशन समुद्र सेतु II के हिस्से के रूप में सात भारतीय नौसेना जहाजों आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि, आईएनएस तलवार, आईएनएस टाबर, आईएनएस त्रिकंद, आईएनएस जलश्व तथा आईएनएस ऐरावत को विभिन्न देशों से तरल चिकित्सा ऑॅक्सीजन युक्त क्रायोजेनिक कंटेनर्स और संबंधित चिकित्सा उपकरणों के पोत लदान के लिए तैनात किया गया है।
  • नौसेना द्वारा ‘ऑॅपरेशन समुद्र सेतु’ पिछले वर्ष आरंभ किया गया था और कोविड-19 के प्रकोप के बीच पड़ोसी देशों में फंसे लगभग 4000 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक भारत वापस लाया गया था।

वज्र प्रहार 2021


मार्च 2021 में भारत-अमेरिका संयुक्त विशेष बलों के अभ्यास का 11वां संस्करण ‘वज्र प्रहार’ (Vajra Prahar) 2021 हिमाचल प्रदेश के बकलोह में स्थित विशेष बल प्रशिक्षण स्कूल (Special Forces training school) में आयोजित किया गया।

  • 'वज्र प्रहार' अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त मिशन योजना और परिचालन रणनीति जैसे क्षेत्रों में सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करना है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच अन्तरसंक्रियता में सुधार करना भी था।

सैन्य अभ्यास ‘खंजर’


भारत और किर्गिजस्तान के विशेष बलों ने 16 अप्रैल, 2021 को आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर केंद्रित सैन्य अभ्यास की शुरुआत की। ‘खंजर’ नामक यह सैन्य अभ्यास किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में किया गया।

  • 2011 में पहली बार शुरू किए गए, दो सप्ताह तक संचालित इस विशेष अभ्यास में उच्च ऊंचाई वाले युद्ध क्षेत्र, आतंकवाद-निरोधक अभ्यासों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
  • यह भारत और किर्गिजस्तान के संयुक्त विशेष बलों के बीच आयोजित होने वाले ‘खंजर' सैन्य अभ्यास का आठवाँ संस्करण था।

फ्रीडम ऑफ नैविगेशन ऑपरेशन


अमेरिकी नौसेना ने अप्रैल 2021 में लक्षद्वीप के पास हिंद महासागर क्षेत्र में ‘फ्रीडम ऑफ नैविगेशन ऑपरेशन’ (Freedom of Navigation Operation) का आयोजन किया।

  • इस ऑपरेशन के दौरान, अमेरिकी युद्धपोत गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘यूएसएस जॉन पॉल जोन्स’ (USS John Paul Jones) ने भारत की आज्ञा के बिना भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone– EEZ) में प्रवेश किया।
  • UNCLOS के अनुसार, देश विशेष आर्थिक क्षेत्र का उपयोग करने से जहाजों को नहीं रोक सकते। हालांकि, भारतीय कानूनों के अनुसार, किसी भी विदेशी सेना को भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में किसी भी गतिविधि का संचालन करने से पहले सूचित करना चाहिए था।
  • अमेरिकी नौसेना के अनुसार यह फ्रीडम ऑफ नैविगेशन ऑपरेशन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के हिसाब से समुद्र में अधिकार, आजादी और कानूनी तरीके से इस्तेमाल पर जोर देने के लिए किया गया।
  • भारत UNCLOS का हस्ताक्षरकर्ता है, जबकि अमेरिका ने इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं।

वरुण-2021


भारत और फ्रांस की नौसेनाओं का द्विपक्षीय अभ्यास 'वरुण-2021' का 19वां संस्करण 25 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल, 2021 तक अरब सागर में आयोजित किया गया।

  • भारतीय नौसेना की ओर से गाइडेड मिसाइल स्टील्थ डिस्ट्रॉयर आईएनएस कोलकाता, आईएनएस तरकश और आईएनएस तलवार और चेतक इंटीग्रल हेलिकॉप्टरों के साथ एक कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी और पी8आई लंबी दूरी का समुद्री टोही विमान( P8I Long Range Maritime Patrol Aircraft) इस अभ्यास में शामिल हुए।
  • वरुण-2021, दोनों देशों के बीच बढ़ती हुई सौजन्यता पर प्रकाश डालता है और साथ ही दो नौसेनाओं के बीच दोस्ताना तालमेल, समन्वय और अंतर-संचालनशीलता के स्तर में वृद्धि को भी दर्शाता है।

बहुपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास ला पेरॉस


भारतीय नौसेना के जहाज ‘आईएनएस सतपुड़ा’ तथा ‘पी 8I लॉन्ग रेंज मैरीटाइम पैट्रोल एयरक्राफ्ट’ (P8I Long Range Maritime Patrol Aircraft) के साथ आईएनएस किल्तान ने पहली बार ‘बहुपक्षीय सामुद्रिक अभ्यास ला पेरॉस’ (Multinational Naval Exercise La Perouse) में हिस्सा लिया, जिसका संचालन 5 से 7 अप्रैल, 2021 तक पूर्वी हिंद महासागर में किया गया।

  • भारतीय नौसेना के जहाज तथा विमान ने फ्रांस की नौसेना (एफएन), रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी, जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स तथा यूनाइटेट स्टेट्स नेवी (यूएसएन) के जहाजों तथा विमान के साथ समुद्र में तीन दिनों के अभ्यास में भाग लिया।
  • ‘ला पेरॉस’ में सतह पर युद्ध, एंटी-एयर वॉरफेयर और वायु रक्षा अभ्यास, हथियार फायरिंग अभ्यास, सामरिक युद्धाभ्यास और जहाजरानी अभ्यास जैसे जटिल और उन्नत नौसैनिक अभ्यास संचालित किए गए।
  • फ्रांस की नौसेना के नेतृत्व में ला पेरॉस अभ्यास किया गया। 2019 में फ्रांस द्वारा शुरू किए गए ला पेरॉस संयुक्त अभ्यास के पहले संस्करण में ऑस्ट्रेलिया, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के जहाजों ने हिस्सा लिया था।

शांतीर ओग्रोशेना 2021


4 अप्रैल, 2021 को बंगबंधु सेनानीबास, बांग्लादेश में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास शांतीर ओग्रोशेना-2021 (SHANTIR OGROSHENA 2021) का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।

उद्देश्य: क्षेत्र में शांति बनाए रखने हेतु कार्यप्रणाली को मजबूत करना और पड़ोसी देशों के साथ पारस्परिकता को बढ़ावा देना।

अभ्यास का विषय: 'रोबस्ट पीस कीपिंग ऑपरेशंस' (Robust Peace Keeping Operations)।

  • बांग्लादेश के राष्ट्रपिता 'बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्मशती मनाने और मुक्ति के 50 वर्षों के गौरवशाली अवसर पर यह अभ्यास शुरू किया गया है।
  • 4 से 12 अप्रैल, 2021 तक डोगरा रेजिमेंट (Dogra Regiment) के 30 कर्मियों वाली भारतीय सेना की टुकड़ी, रॉयल भूटान आर्मी, श्रीलंकाई सेना और बांग्लादेश सेना की टुकड़ी इस अभ्यास में भाग ले रही है।
  • अभ्यास के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, तुर्की, सऊदी अरब, कुवैत और सिंगापुर के सैन्य पर्यवेक्षक भी उपस्थित रहेंगे।

आईएनएस शार्दुल


भारतीय नौसेना के ‘पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन’ (First Training Squadron) के एक जहाज, आईएनएस शार्दुल ने 12 मार्च, 2021 को मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित समारोह में हिस्सा लिया।

  • पूर्ण रूप से स्वदेशी आईएनएस शार्दुल को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) कोलकाता में निर्मित किया गया है। इसे 2007 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
  • आईएनएस शार्दुल भारतीय नौसेना का युद्धक पोत है, जो युद्धक टैंक, सैनिकों और एक साथ कई हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है।
  • आईएनएस शार्दुल ने मार्च 2020 में मेडागास्कर में 600 टन खाद्यान्न सामग्री पहुँचाने के साथ ही कोविड-19 महामारी के दौरान विभिन्न देशों में फंसे प्रवासी भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए जून2020 में चलाये गए ‘ऑपरेशन समुद्र सेतु’ में भी हिस्सा लिया था।

दस्तलिक II


भारत-उज्बेकिस्तान संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास ‘दस्तलिक II’ (DUSTLIK II) 10 मार्च, 2021 को उत्तराखंड के विदेशी प्रशिक्षण केंद्र, चौबटिया, रानीखेत में शुरू हो गया। यह अभ्यास 19 मार्च, 2021 तक चलेगाI

उद्देश्य: संयुक्त राष्ट्र संघ के नियमों के अंतर्गत पर्वतीय/ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के क्षेत्र में अपने-अपने कौशल और अनुभव साझा करना।

  • यह दोनों देशों की सेनाओं की वार्षिक द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास प्रक्रिया का दूसरा संस्करण हैI अभ्यास का पहला संस्करण नवंबर 2019 में उज्बेकिस्तान में आयोजित किया गया था।
  • सेना की ‘13 कुमाऊं रेजिमेंट’, जिसे चीन के साथ 1962 के युद्ध में अपनी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए 'रेजांग ला बटालियन' (Rezang La battalion) भी कहा जाता है, को कंपनी स्तर के आतंकवाद विरोधी अभियान के लिए भारतीय पक्ष से नामित किया गया है।

भारतीय नौसेना के जहाजों की बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह की पहली यात्रा


भारत और बांग्लादेश की मजबूत दोस्ती की याद में मनाए जा रहे स्वर्णिम विजय वर्ष के लिए भारतीय नौसेना के स्वदेशी गश्ती जहाज ‘सुमेधा’ एवं स्वदेशी निर्मित गाइडेड मिसाइल से लैस जहाज ‘कुलिश’ ने 8 मार्च से 10 मार्च, 2021 तक बांग्लादेश के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर मोंगला में हुए कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

यात्रा का उद्देश्य: 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले बांग्लादेशी और भारतीय सैनिकों और नागरिकों को श्रद्धांजलि देना तथा इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अच्छी व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता को दोहराना।

  • यह पहला मौका था जब भारतीय नौसेना के किसी जहाज ने बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह का दौरा किया है।
  • यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन सागर (SAGAR) अर्थात 'क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास' के अनुरूप है।

युद्ध अभ्यास 20


8 फरवरी, 2021 को भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास 'युद्ध अभ्यास 20' (Yudh Abhyas 20) राजस्थान में बीकानेर जिले के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ।

  • यह वार्षिक द्विपक्षीय संयुक्त अभ्यास का 16वां संस्करण है। यह अभ्यास 21 फरवरी तक जारी रहेगा।
  • दोनों सेनाएं इस अभ्यास के दौरान अपनी युद्ध-संबंधी तकनीकों, कौशल और अनुभव को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी।
  • संयुक्त अभ्यास का पिछला संस्करण संयुक्त राज्य अमेरिका के सिएटल में आयोजित किया गया था। दोनों सेनाओं के बीच 'युद्ध अभ्यास’ को 2004 में शुरू किया गया था।

अभ्‍यास 'कवच'


जनवरी 2021 में देश के एकमात्र संयुक्त बल कमान – अंडमान एवं निकोबार कमान (एएनसी) के तहत भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना एवं भारतीय तटरक्षक बल के संसाधनों को मिलाकर एक वृहद संयुक्त सैन्य अभ्यास 'कवच' (Exercise Kavach) का संचालन किया गया।

  • इस अभ्यास में समुद्री निगरानी संसाधनों के इस्तेमाल में तालमेल कायम करना, वायु एवं समुद्री हमलों, वायु रक्षा, पनडुब्बी तथा लैंडिंग संचालनों के बीच समन्वय कायम करना शामिल था।
  • इसमें तीनों सेनाओं के विभिन्न तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक तथा मानवीय इंटेलिजेंस सहित सतत संयुक्त इंटेलिजेंस निगरानी एवं सैनिक सर्वेक्षण (Intelligence Surveillance and Reconnaissance- ISR) अभ्यास का संचालन किया गया।
  • तीनों सेनाओं के अभ्यास का लक्ष्य संयुक्त युद्धक क्षमताओं को बेहतर बनाना और संचालन संबंधी तालमेल बढ़ाने की दिशा में मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करना था।

भारत - फ्रांस वायुसैनिक अभ्यास डेजर्ट नाइट -21


भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना ‘आर्मी डी’एर एट डी'स्पेस’ (Armée de l’Air et de l’Espace) ने 20 से 24 जनवरी, 2021 तक जोधपुर के वायु सेना स्टेशन पर आयोजित एक द्विपक्षीय वायु अभ्यास ‘डेजर्ट नाइट-21’ (Desert Knight-21) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: परस्पर व्यवहार को बढ़ाने के लिए विचारों एवं सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करना।

  • इस अभ्यास में दोनों ही देशों की वायु सेनाओं में राफेल विमान शामिल था और यह दो प्रमुख वायु सेनाओं के बीच बढ़ते हुए सहयोग का संकेत है।
  • मौजूदा समय में डेजर्ट नाइट -21 अभ्यास के लिए फ्रांसीसी टुकड़ी एशिया में अपने 'स्काईरोस डिप्लॉयमेंट' (Skyros Deployment) के हिस्से के रूप में तैनात है।
  • भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग के हिस्से के रूप में, भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी एवं अंतरिक्ष सेना ने मिलकर 'गरुड़' नाम के वायुसैनिक अभ्यास के छ: संस्करणों का आयोजन किया है। आखिरी 'गरुड़' अभ्यास जुलाई 2019 में फ्रांस के ‘मोंट-द-मारसन एयरबेस’ में आयोजित किया गया था।

भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्त का 35वां संस्करण


  • 17- 18 दिसंबर, 2020 को भारत-इंडोनेशिया समन्वित गश्त (IND-INDO CORPAT) के 35वें संस्करण का आयोजन किया गया।
  • IND-INDO CORPAT का आयोजन प्रतिवर्ष भारत और इंडोनेशिया की नौसेनाओं के बीच किया जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र में शिपिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

27वां भारत-सिंगापुर द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास सिम्बेक्स-20


भारतीय नौसेना ने अंडमान सागर में 23 से 25 नवंबर, 2020 तक 27वें भारत-सिंगापुर द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ‘सिम्बेक्स-20’ (SIMBEX-20) की मेजबानी की।

उद्देश्य: आपसी अंतर-संचालन को बढ़ाना और एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं को सीखना।

  • यह अभ्यास भारतीय नौसेना और रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (आरएसएन) के बीच 1994 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
  • सिम्बेक्स-2020 में ‘चेतक’ हेलीकॉप्टर के साथ विध्वंसक ‘राणा’ और स्वदेश निर्मित लड़ाकू जलपोत कामोर्टा (Kamorta) व करमुक (Karmuk) समेत भारतीय नौसेना के जहाज शामिल हुए। इसके अलावा, भारतीय नौसेना की पनडुब्बी ‘सिंधुराज’ और ‘समुद्री टोही विमान पी8आई’ ने भी इस अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • ‘फॉर्मीडेबल’ (Formidable) श्रेणी के युद्ध-पोत ‘इंट्रेपीड’ (Intrepid) व ‘स्टेडफास्ट’ (Steadfast), एस70बी हेलीकॉप्टर तथा ‘एंड्योरेंस’ (Endurance) श्रेणी के लैंडिंग शिप टैंक ‘इनडेवीऑर’ (Endeavour) ने अभ्यास में आरएसएन का प्रतिनिधित्व किया।
  • सिम्बेक्स-20 में दो मित्र नौसेनाओं ने समुद्र में तीन दिनों के गहन संयुक्त अभियान में वेपन फायरिंग सहित उन्नत एंटी-एयर युद्धाभ्यास और एंटी-सबमरीन युद्धाभ्यास में भाग लिया।

मालाबार नौसैन्य अभ्यास 2020


  • मालाबार नौसैन्य अभ्यास के 24वें संस्करण का आयोजन नवंबर 2020 में दो चरणों में किया गया।
  • पहले चरण का आयोजन 3 से 6 नवंबर, 2020 तक बंगाल की खाड़ी में स्थित विशाखापत्तनम में हुआ।
  • इसमें भारतीय नौसेना (आईएन), यूनाइटेड स्टेट्स नेवी (यूएसएन), जापान मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) और रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी (आरएएन) शामिल हुई।
  • नौसैन्य अभ्यास की मालाबार श्रृंखला की शुरुआत 1992 में भारतीय नौसेना और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के द्विपक्षीय अभ्यास के रूप में हुई थी। जापानी नौसेना मालाबार से 2015 में जुड़ा। 2020 के संस्करण में ऑस्ट्रेलियन नेवी इस अभ्यास में शामिल हुआ।
  • मालाबार 20 के दूसरे चरण का आयोजन 17 से 20 नवंबर, 2020 तक अरब सागर में किया गया।

त्रिपक्षीय समुद्री युद्धाभ्‍यास ‘सिटमैक्‍स-20’


भारतीय नौसेना, रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी (आरएसएन) और रॉयल थाई नेवी (आरटीएन) के बीच त्रिपक्षीय समुद्री युद्धाभ्यास ‘सिटमैक्स-20’ (SITMEX-20) का दूसरा संस्करण अंडमान सागर में 21-22 नवम्बर, 2020 को संपन्न हुआ।

उद्देश्य: भारत, सिंगापुर और थाईलैंड की नौसेनाओं के बीच परस्पर श्रेष्ठ सहयोग और अंतर संचालन क्षमता का विकास करना।

  • 2020 के संस्करण के अभ्यास की मेजबानी रिपब्लिक ऑफ सिंगापुर नेवी ने की।
  • भारतीय नौसेना के स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘कामोर्टा और मिसाइल युद्धपोत ‘करमुक’ ने अभ्यास में हिस्सा लिया।
  • अभ्यास में सिंगापुर नौसेना की ओर से ‘फॉर्मीडेबल’ (Formidable) श्रेणी के युद्धपोत ‘इंट्रेपीड’ (Intrepid) व ‘एंड्योरेंस’ (Endurance) श्रेणी के लैंडिंग शिप टैंक ‘इनडेवीऑर’ (Endeavour) ने तथा थाईलैंड नौसेना की ओर से ‘चाओ फ्राया’ (Chao Phraya) श्रेणी के युद्धपोत ‘क्राबुरी’ (Kraburi ने हिस्सा लिया।
  • भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित सिटमैक्स का पहला संस्करण सितम्बर 2019 में पोर्ट ब्लेयर से कुछ दूर सागर में किया गया था।

मालाबार नौसैन्य अभ्यास 2020


  • अक्टूबर 2020 भारत सरकार ने घोषणा की कि ऑस्ट्रेलियाई नौसेना इस वर्ष के अंत में होने वाले मालाबार नौसैन्य अभ्यास में शामिल होगी। सभी चार क्वाड देश इस अभ्यास में भाग लेंगे।
  • इस अभ्यास में भाग लेने वाले देश जापान, भारत और अमेरिका हैं। समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने की प्रक्रिया में, भारत ने अभ्यास में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित किया है।
  • मालाबार नौसैन्य अभ्यास श्रृंखला वर्ष 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के द्विपक्षीय संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से शुरू हुआ था। जापान 2015 में नौसेना अभ्यास में शामिल हुआ था।

नौसैनिक युद्ध अभ्यास 'स्लीनेक्स-20'


भारतीय नौसेना और श्रीलंका की नौसेना का संयुक्त वार्षिक द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास 'स्लीनेक्स-20' (SLINEX-20) का आठवां संस्करण 19 से 21 अक्टूबर, 2020 तक त्रिंकोमाली श्रीलंका के तट पर आयोजित किया गया।

उद्देश्य: परस्पर अंतर-संचालनशीलता को बढ़ाना, आपसी समझ को ज्यादा परिपक्व करना और दोनों नौसेनाओं के बीच बहुआयामी समुद्री संचालन के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं तथा प्रक्रियाओं का आदान- प्रदान करना।

  • श्रीलंका की नौसेना का प्रतिनिधित्व वहां के नौसैनिक जहाज सायुरा (समुद्री गश्ती पोत) और गजाबहू (प्रशिक्षण जहाज) द्वारा किया गया। वहीं भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्वदेश में निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धपोत कमोर्टा और किल्टन ने किया।
  • स्लीनेक्स-20 के दौरान सतह से और हवाई हमले का अभ्यास, हथियारों से फायरिंग, नाविक कला और जहारानी का विकास और युद्धाभ्यास तथा क्रॉस डेक उड़ान संचालन अभ्यास किया गया।
  • स्लीनेक्स का पिछला संस्करण सितंबर 2019 में विशाखापत्तनम में आयोजित किया गया था।

भारतीय नौसेना और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का 'पासेज आभ्यास'


भारतीय नौसेना ने 23- 24 सितंबर, 2020 को पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (RAN) के साथ एक 'पासेज आभ्यास' (PASSEX) में हिस्सा लिया।

उद्देश्य: अंतर-क्षमता को बढ़ाना, एक-दूसरे से सर्वोत्तम अभ्यासों को आत्मसात करना और समझ में सुधार लाना।

  • इस अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया की ओर से 'एचएमएएस होबार्ट' और भारत को ओर से भारतीय नौसेना जहाज ‘सह्याद्रि’ और ‘कर्मुक’ ने हिस्सा लिया।
  • अभ्यास में उन्नत सतह और एंटी-एयर एक्सरसाइज, हथियार फायरिंग, जहाजरानी अभ्यास, नौसैनिक युद्धाभ्यास और क्रॉस डेक फ्लाइंग ऑपरेशंस शामिल था।

भारत-अमेरिका द्वारा ‘पासएक्स’ अभ्यास का आयोजन


20 जुलाई, 2020 को अमेरिकी नौसेना के वाहकपोत ‘यूएसएस निमित्ज’ (USS Nimitz) ने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के नजदीक भारतीय युद्धपोतों के साथ समुद्री अभ्यास ‘पासएक्स’ (PASSEX) में हिस्सा लिया।

  • यूएसएस निमित्ज दक्षिण चीन सागर से अपनी यात्रा पर था। नौसैनिक वाहक ने हाल ही में यूएसएस रोनाल्ड रीगन के साथ दक्षिण चीन सागर में आयोजित सैन्य अभ्यास में भाग लिया।

  • भारतीय नौसेना ने जापान मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और फ्रांसीसी नौसेना के साथ इसी तरह का ‘पासएक्स’ संचालित किया है। ‘पासएक्स’ एक पासेज अभ्यास (Passage Exercise) है।

  • भारतीय नौसेना चीनी नौसेना के जहाजों के हिन्द महासागर क्षेत्र में गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही है, जिनकी उपस्थिति समुद्री जहाजों पर हमलों के खिलाफ गश्ती के नाम पर पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ गई है।