अरुणाचल में सरकारी कर्मचारियों को करना होगा ड्रग्स की लत का खुलासा


अप्रैल 2021 में अरुणाचल प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक और सिंथेटिक ड्रग्स के आदी अपने कर्मचारियों पर नकेल कसने का फैसला किया है।

  • 25 जिलों में से 13-15 जिलों में नशा एक खतरनाक अनुपात तक पहुंच गया है। सिंथेटिक ड्रग्स ने खतरे की जांच में चुनौतियों को बढ़ाया है।
  • सरकार जल्द ही एक अधिसूचना जारी करेगी, जिसमें सभी कर्मचारियों को ड्रग्स की लत, यदि कोई हो, के बारे में रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा।
  • अधिसूचना "बुरी आदत" (bad habit) का खुलासा करने की समय सीमा के साथ आएगी। समय सीमा के बाद किसी भी कर्मचारी को नशे का आदी पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। नशे के आदी लोगों में महिलाओं और नाबालिग भी शामिल हैं।
  • भांग और अफीम जैसे मादक पदार्थों की खेती भी प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है।

अरुणाचल को मिला पहला औपचारिक स्वदेशी ज्ञान प्रणाली स्कूल


अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 20 मार्च, 2021 को पूर्वी कामेंग जिले में राज्य के पहले औपचारिक 'स्वदेशी भाषा और ज्ञान प्रणाली स्कूल' (Indigenous language and knowledge system school) का उद्घाटन किया।

  • सेप्पा के पास रंग गांव में 'न्यूबू न्यवगम येरको' (Nyubu Nyvgam Yerko) नाम के अपनी तरह के पहले स्कूल का उद्घाटन किया गया।
  • स्कूल स्वदेशी परंपराओं, संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में मदद करेगा। स्कूल के विकास और रखरखाव के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • सरकार ने राज्य की स्वदेशी संस्कृति के संरक्षण के लिए स्वदेशी मामलों के विभाग (Department of Indigenous Affairs) की स्थापना की है।