असम में महत्वपूर्ण तेल एवं गैस परियोजनाओं की शुरुआत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 फरवरी 2021 को असम में महत्वपूर्ण तेल एवं गैस परियोजनाओं की शुरुआत की।

इंडमैक्स इकाई: प्रधानमंत्री ने इंडियन ऑयल की बोंगाईगांव रिफाइनरी में इंडमैक्स (INDMAX) इकाई को राष्ट्र को समर्पित किया। INDMAX इंडियन ऑयल द्वारा एक स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक है, जो विभिन्न पेट्रोलियम अंशों से एलपीजी और उच्च-ऑक्टेन गैसोलीन का उत्पादन करती है।

  • यह इकाई रिफाइनरी की क्रूड प्रसंस्करण क्षमता को 2.35 एमएमटीपीए (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) से बढ़ाकर 2.7 एमएमटीपीए कर देगी। इसका परिचालन शुरू होने से एलपीजी का उत्पादन 50 टीएमटी (हजार मीट्रिक टन) से बढ़कर 257 टीएमटी और मोटर स्पिरिट (पेट्रोल) का उत्पादन 210 टीएमटी से बढ़कर 533 टीएमटी हो जाएगा।

सेकेंडरी टैंक फार्म: उन्होंने डिब्रूगढ़ के मधुबन में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सेकेंडरी टैंक फार्म का भी उदघाटन किया। इसका निर्माण लगभग 40,000 किलोलीटर कच्चे तेल के सुरक्षित भंडारण के लिए किया गया है।

  • 490 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में प्रतिदिन 10,000 किलो लीटर की क्षमता वाली निर्जलीकरण इकाई भी शामिल होगी।

गैस कंप्रेशर स्टेशन: उन्होंने तिनसुकिया के मकुम के हेबड़ा गांव में एक गैस कंप्रेशर स्टेशन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। स्टेशन देश के कच्चे तेल की उत्पादन क्षमता में प्रति वर्ष लगभग 16500 मीट्रिक टन की वृद्धि करेगा।

कॉलेज छात्रों और राज्य साहित्यिक निकायों को मौद्रिक सहायता हेतु दो योजना


सम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 1 फरवरी, 2021 को कॉलेज छात्रों और राज्य के साहित्यिक निकायों को मौद्रिक सहायता प्रदान करने के लिए दो योजनाओं की शुरुआत की।

प्रज्ञान भारती योजना: इस योजना के तहत, 3,26,046 कॉलेज छात्रों को, प्रत्येक को पाठ्य पुस्तकें खरीदने के लिए 1,500 रुपए दिये गए, जबकि कुल 4 लाख पात्र छात्रों को मुफ्त में प्रवेश हेतु 161 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति की गई।

भाषा गौरब (Bhasha Gourab) योजना: इस योजना के तहत राज्य सरकार ने 21 साहित्य सभाओं (साहित्यिक संस्थाएँ) को उनके कोष में योगदान के रूप मे कुल मिलाकर 43 करोड़ रुपए प्रदान किए।

  • इस योजना के तहत, 600 लेखकों को उनकी साहित्यिक गतिविधियों में मदद हेतु प्रत्येक को 50,000 रुपए दिये गए हैं।

TX2 संरक्षण उत्कृष्टता पुरस्कार 2020


लगभग1,500 वर्ग किमी. में फैले भारत-भूटान सीमा के संरक्षण वाले क्षेत्र को 'TX2 संरक्षण उत्कृष्टता पुरस्कार 2020’ से सम्मानित किया गया है।

  • 'TX2' का अर्थ है 'टाइगर्स टाइम्स टू' जिसके तहत 2022 तक जंगली बाघों की आबादी को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • यह सम्मान 'सीमापार मानस संरक्षण क्षेत्र' के लिए है, जिसमें असम में 500 वर्ग किमी. का मानस राष्ट्रीय उद्यान और 1,057 वर्ग किमी. भूटान का 'रॉयल मानस नेशनल पार्क' शामिल है।
  • भारत और भूटान 'TX2' की दिशा में प्रयास करने वाले 13 देशों में शामिल हैं, जिसे विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने 'ग्लोबल टाइगर इनिशिएटिव', 'ग्लोबल टाइगर फोरम' और अन्य महत्वपूर्ण प्लेटफार्मों के माध्यम से निर्धारित किया था।
  • भारतीय मानस उद्यान में बाघों की संख्या 2010 में 9 से बढ़कर 2018 में 25 हो गई, जबकि भूटान के मानस उद्यान में 2008 में 12 से बढ़कर 2018 में 26 हो गई।

मत्स्य पालन के क्षेत्र में असम को चार पुरस्कार


  • राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में सफलता के लिए असम को चार पुरस्कार प्रदान किए हैं। पुरस्कार 21 नवंबर, 2020 को नई दिल्ली में दिए गए।
  • असम को ‘सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्य’ की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है।
  • ‘असम एपेक्स कोऑपरेटिव फिश मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग फेडरेशन लिमिटेड’ [Assam Apex Cooperative Fish Marketing and Processing Federation Limited - FISHFED)] को ‘सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और पूर्वोत्तर सरकारी संगठन’ की श्रेणी के तहत चुना गया है।
  • नगांव जिले का ‘सर्वश्रेष्ठ पहाड़ी और पूर्वोत्तर जिला’ श्रेणी के अंतर्गत चयन किया गया है।
  • नलबाड़ी के किसान ‘अमल मेधी’ को ‘पहाड़ी और पूर्वोत्तर मछली-किसान श्रेणी’ के तहत चुना गया है।