छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास परियोजना


12 फरवरी, 2021 को भारत सरकार, छत्तीसगढ़ सरकार और विश्व बैंक ने स्थायी उत्पादन प्रणाली विकसित करने के लिए 10 करोड़ डॉलर की ऋण परियोजना ‘छत्तीसगढ़ समावेशी ग्रामीण और त्वरित कृषि विकास परियोजना- चिराग’ (Chhattisgarh Inclusive Rural and Accelerated Agriculture Growth Project- CHIRAAG) पर हस्ताक्षर किए हैं।

  • यह छत्तीसगढ़ के दूरदराज के क्षेत्रों में आदिवासी परिवारों को विविधतापूर्ण और पोषण आधारित फसलों का पूरे वर्ष उत्पादन करने के लिए प्रेरित करेगा।
  • ‘चिराग’ परियोजना को राज्य के दक्षिणी आदिवासी बहुल क्षेत्र में लागू किया जाएगा, जहां एक बड़ी आबादी कुपोषित और गरीब है।
  • इस परियोजना से छत्तीसगढ़ के 8 जिलों के लगभग 1000 गांवों के 1,80,000 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा। यह छोटे किसानों को किसान उत्पादक संगठनों से जोड़ेगी।

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक यात्री वाहनों में जीपीएस, पैनिक बटन अनिवार्य


23 जनवरी, 2021 को छत्तीसगढ़ में महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी सार्वजनिक यात्री वाहनों में जीपीएस और पैनिक बटन लगाए जाने की घोषणा की गई।

  • वाहनों की निगरानी के लिए एक ट्रैकिंग डिवाइस और कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा।
  • ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक यात्री वाहनों में जीपीएस और पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है।
  • नए वाहनों में ये सभी विशेषताएं हैं। छत्तीसगढ़ में जीपीएस सिस्टम और पैनिक बटन को पुराने वाहनों में भी अनिवार्य किया जाएगा।
  • योजना के कार्यान्वयन में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत आयेगी, जिसका 60% केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

'पढ़ाई तुहार परा' योजना


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 अगस्त, 2020 को एक विशेष योजना 'पढ़ाई तुहार परा' (Padhai Tuhar Para) शुरू करने की घोषणा की।

  • योजना के तहत स्कूली छात्र कोरोनो वायरस प्रकोप के कारण सामुदायिक सहायता से अपने संबंधित स्थानीय इलाकों तथा गांवों में कक्षाएं कर सकेंगे।

  • इसके अलावा, एक ब्लूटूथ-आधारित कार्यक्रम 'बुल्टू के बोल' (Bultu Ke Bol) को दूरस्थ क्षेत्रों में उन छात्रों को अध्ययन सामग्री प्रदान करने के लिए पेश किया जाएगा, जिनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है।

 

शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना


छत्तीसगढ़ केमुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 5 अगस्त, 2020 को राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ लॉन्च की।

  • 2013 में नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा की स्मृति में चलाई जा रही इस योजना का लाभ लगभग 12.5 लाख परिवारों को मिलेगा, जिसमें ज्यादातर आदिवासी और वनवासी हैं, जो इसके संग्रह में लगे हुए हैं।

योजना में प्रावधान: पंजीकृत तेंदू पत्ते के संग्रहकर्ताओं के परिवार के मुखिया (यदि परिवार के मुखिया की आयु 50 वर्ष से अधिक नहीं है) की सामान्य मृत्यु के मामले में नामांकित व्यक्ति या वारिस को 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता।

  • जबकि दुर्घटना के कारण मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता, पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये की सहायता और आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता।

  • पंजीकृत तेंदू पत्ते के संग्रहकर्ताओं के परिवार के मुखिया (यदि परिवार के मुखिया की आयु 50-59 वर्ष है) की सामान्य मृत्यु के मामले में नामांकित व्यक्ति या वारिस को 30,000 रुपये तथा दुर्घटना में मृत्यु/ पूर्ण दिव्यांगता पर 75,000 रुपए और आंशिक दिव्यांगता पर 37, 500 रुपए की वित्तीय सहायता।

जीके फैक्ट: महेंद्र कर्मा को ‘बस्तर टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता था।

गोधन न्याय योजना


छत्तीसगढ़ में, देश में अपनी तरह की पहली योजना 'गोधन न्याय योजना' 20 जुलाई, 2020 से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतीकात्मक रूप से हरेली पर्व के अवसर पर गोबर की खरीद कर इस योजना का राजधानी रायपुर में उद्घाटन किया।

  • गोधन न्याय योजना के तहत, छत्तीसगढ़ सरकार पशुधन मालिकों से 2 रुपये प्रति किग्रा. पर गोबर की खरीद करेगी और इसका उपयोग जैविक खाद तैयार करने के लिए करेगी।

  • महिला स्व-सहायता समूह इस योजना के तहत खरीदे गए गोबर का उपयोग करके वर्मी-कम्पोस्ट तैयार करेंगे, जिसे 8 रुपये प्रति किग्रा. की दर से बेचा जाएगा। राज्य सरकार चरणों में सभी 20 हजार गांवों में गौशालाओं का निर्माण करेगी।