दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन


16 मार्च, 2021 को दिल्ली का अपना स्कूल शिक्षा बोर्ड 'दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन' (Delhi Board of School Education- DBSE) पंजीकृत हो गया है, जिसे कैबिनेट ने 6 मार्च को मंजूरी दी थी।

  • शुरुआत में, 2021-22 शैक्षणिक सत्र से दिल्ली के 20 से 25 सरकारी स्कूल DBSE से संबद्ध होंगे। पहले चरण में बोर्ड के साथ कौन से स्कूल संबद्ध होंगे, यह तय करने के लिए संबंधित प्राचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ परामर्श किया जा रहा है।
  • बोर्ड में एक शासी निकाय होगा, जिसकी अध्यक्षता शिक्षा मंत्री करेंगे। इसमें दैनिक गतिविधियों के कार्यों के लिए एक कार्यकारी निकाय भी होगा और इसकी अध्यक्षता एक सीईओ करेंगे।
  • दोनों निकायों में उद्योगों, शिक्षा क्षेत्र, सरकारी और निजी स्कूलों के प्राचार्य और नौकरशाह बतौर विशेषज्ञ होंगे।
  • वर्तमान में, दिल्ली में लगभग 1,000 सरकारी और 1,700 निजी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग सभी केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध हैं।

देशभक्ति बजट


दिल्ली सरकार ने 9 मार्च, 2021 को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 69,000 करोड़ रुपए का ‘देशभक्ति बजट’ पेश किया।

मुख्य बिंदु: आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में 500 जगहों पर तिरंगे लहराए जाएंगे। दिल्ली को इस तरह से सजाने के लिए बजट में 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

  • शहीद भगत सिंह और बाबा भीमराव अंबेडकर पर आधारित कार्यक्रम के लिए 10-10 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है।
  • इसके अलावा दिल्ली के स्कूलों में देशभक्ति पाठ्यक्रम चलाये जाएंगे।
  • बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 16,377 करोड़ रुपए (24%), स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 9,934 करोड़ रुपए (14%) और परिवहन, सड़कों और पुलों के लिए 9,394 करोड़ (13%) का प्रावधान है।
  • विशेष रूप से महिला रोगियों के लिए 100 महिला मोहल्ला क्लीनिक का प्रस्ताव किया गया है।
  • सरकार ने वर्ष 2047 तक दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय को 16 गुना वृद्धि कर सिंगापुर के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • दिल्ली सरकार ने 2048 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।

वायु-प्रदूषण विरोधी अभियान ‘युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध’


  • दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 5 अक्टूबर, 2020 को स्वच्छ राष्ट्रीय राजधानी के लिये सात- सूत्री कार्ययोजना के साथ ‘युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध’ नाम से एक वायु-प्रदूषण विरोधी अभियान शुरू किया।
  • इसमें शहर के सभी 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स के लिये अलग-अलग योजना, प्रत्येक कटे पेड़ के लिए 10 नए पेड़ लगाने की वृक्ष प्रत्यारोपण नीति, इलेक्ट्रिक वाहन प्रोत्साहन, धूल नियंत्रण, सभी प्रदूषण-विरोधी उपायों की निगरानी के लिये दिल्ली में एक ‘वॉर रूम’ बनाना; ‘ग्रीन दिल्ली’ नामक एक मोबाइल ऐप विकसित करना तथा पराली जलाने के विरुद्ध कार्यवाही करना शामिल है।

दिल्ली की इलेक्ट्रिक वाहन नीति


दिल्ली सरकार ने अगस्त 2020 में अपनी महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक वाहन नीति लॉन्च की।

उद्देश्य: शहर की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, प्रदूषण के स्तर को कम करना और परिवहन क्षेत्र में रोजगार सृजन करना।

  • दिल्ली सरकार दोपहिया, ऑटोरिक्शा, -रिक्शा, माल वाहन पर प्रत्येक की खरीद पर 30,000 रुपए तक की सब्सिडी और कार की खरीद पर 1.5 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। यह सब्सिडी केंद्र सरकार के 'फेम इंडिया' चरण 2 के तहत प्रोत्साहन राशि के अलावा होगी।

नीति के लक्ष्य: वर्ष 2024 तक शहर भर में नए पंजीकृत वाहनों में से 25% इलेक्ट्रिक वाहन सुनिश्चित करना।

  • इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहनों की खरीद के लिए कम ब्याज दर, नए पंजीकृत इलेक्ट्रिक वाहनों पर पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स को कम करना।
  • हर 3 किमी. पर एक चार्जिंग स्टेशन बनाने के साथ-साथ अगले एक साल में दिल्ली में 200 चार्जिंग स्टेशन बनाना ।