हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवार रोजगार विधेयक 2020


हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने 2 मार्च, 2021 को राज्य में निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75% आरक्षण प्रदान करने वाले 'हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवार रोजगार विधेयक 2020' (Haryana State Employment of Local Candidates Bill 2020) को स्वीकृति दे दी।

  • इसके तहत निजी क्षेत्र में 50000 रुपये से कम वेतन वाली 75% नौकरियां स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित की जायेंगी।
  • लागू होने के बाद यह विधेयक उन सभी निजी तौर पर प्रबंधित कंपनियों, ट्रस्टों, भागीदारी फर्मों, सोसाइटियों आदि पर लागू होगा, जो हरियाणा राज्य में स्थित हैं।
  • एक कंपनी द्वारा भर्ती का केवल 10 प्रतिशत उस जिले से होना चाहिए जिसमें वह स्थित है, बाकी कोटा राज्य के अन्य जिलों से भरा जा सकता है।
  • कोटा शुरू में 10 साल के लिए लागू होगा। इस कोटे के तहत नौकरी प्राप्त करने के लिए किसी व्यक्ति का जन्म स्थान हरियाणा में होना चाहिए या वह कम से कम 15 साल राज्य में रहा हो।
  • सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकोनॉमी के अनुसार, हरियाणा में फरवरी 2021 में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत (7% से कम) के मुकाबले 26% से अधिक थी।

हरि हर योजना


8 मार्च, 2021 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में अनाथ बच्चों (ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता के विषय में कोई जानकारी नहीं है) को संरक्षण एवं आश्रय प्रदान करने हेतु ‘हरि हर योजना’ (Hari Har Scheme) की शुरुआत की।

  • इस योजना के तहत अनाथ बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक राज्य के अनाथालयों में आश्रय दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत राज्य सरकार अनाथ बच्चों के अभिभावक/संरक्षण की भूमिका निभाएगी।
  • 18 वर्ष की आयु के बाद राज्य सरकार उनकी आगे की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
  • जिन अनाथ बच्चों ने शिक्षा पूरी कर ली है, वे 25 वर्ष की आयु तक अनुग्रह के आधार पर ग्रुप-सी और ग्रुप-डी सरकारी नौकरी के लिए पात्र होंगे।
  • यदि बच्चा स्नातक पूरा करता है, तो उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर श्रेणी (EWS) के तहत ग्रुप-ए और ग्रुप बी की सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

हरियाणा में पंचायत सदस्यों को ‘वापस बुलाने का अधिकार’ संबंधी विधेयक पारित


हरियाणा में राज्य विधानसभा द्वारा 6 नवंबर, 2020 को पंचायत सदस्यों को ‘वापस बुलाने का अधिकार’ (Right to recall) संबंधित विधेयक ‘हरियाणा पंचायती राज (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2020’ पारित किया गया।

उद्देश्य: पंचायत सदस्यों की मतदाताओं के प्रति जवाबदेही में वृद्धि करना।

  • विधेयक में, निर्वाचकों के लिए पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों को ‘वापस बुलाने का अधिकार’ प्रदान किया गया है।
  • विधेयक में काम में विफल रहने वाले सरपंचों, ब्लाक समिति सदस्यों व जिला परिषद सदस्यों को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटाने का अधिकार मतदाताओं को दिया गया है।
  • इसके अंतर्गत, ग्रामीण निकायों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

तथा पिछड़े वर्गों में ‘अधिक वंचित वर्गों’ को 8% आरक्षण प्रदान किया गया है।

  • पंचायती राज निकायों के सदस्यों व सरपंच को वापस बुलाने हेतु कार्यवाही शुरू करने के लिए वार्ड अथवा ग्राम सभा के 50% सदस्यों को लिखित में देना होगा।
  • इसके पश्चात, एक गुप्त मतदान कराया जायेगा, जिसमें ग्राम सभा के दो-तिहाई सदस्यों द्वारा जन प्रतिनिधि के खिलाफ मतदान करने पर उन्हें पदमुक्त कर दिया जाएगा।

हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडार परियोजना


केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 15 सितंबर, 2020 को सोहना-मानेसर-खरखौदा के रास्ते पलवल से सोनीपत तक 121.7 किमी. की हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडार परियोजना को मंजूरी प्रदान की।

  • ये रेललाइन पलवल से शुरू होकर दिल्ली-अम्बाला खंड पर हरसाना कलां स्टेशन पर समाप्त होगी।
  • इस परियोजना को हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम पूरा करेगा, जो रेल मंत्रालय और हरियाणा सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसमें निजी निवेश भी होगा।
  • परियोजना को 5 वर्ष में पूरा किया जाएगा और इस पर करीब 5, 617 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

20,000 करोड़ रुपये की नई आर्थिक गलियारा परियोजनाओं का शुभारम्भ


केन्द्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने 14 जुलाई, 2020 को हरियाणा में ‘नए आर्थिक गलियारे’ के तहत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की लागत की 11 राजमार्ग परियोजनाओं का वेबकास्ट के माध्यम से शुभारम्भ और शिलान्यास किया।

  • शुरू की गई 3 परियोजनाओं में 1183 करोड़ रुपये की लागत से एनएच 334बी के रोहना/हसनगढ़ से झज्जर खंड तक 35.45 किमी. लंबे 4-लेन मार्ग, 857 करोड़ रुपये की लागत से एनएच 71 के पंजाब-हरियाणा सीमा से जींद खंड तक 70 किलोमीटर लंबे मार्ग को 4-लेन किया जाना और 200 करोड़ रुपये की लागत से एनएच 709 पर 85.36 किमी. के 2-लेन जींद-करनाल मार्ग का निर्माण शामिल है।

  • इसके अलावा 17,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की 8 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया।