आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई सेहत


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 दिसंबर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में ‘आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई सेहत’ (Ayushman Bharat PM-JAY SEHAT) की शुरुआत की।

उद्देश्य: जम्मू एवं कश्मीर के सभी निवासियों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराना।

  • योजना में ‘सेहत’ से तात्पर्य ‘स्वास्थ्य और टेलीमेडिसिन के लिये सामाजिक प्रयास’ (Social Endeavour for Health and Telemedicine-SEHAT) है।
  • इसके अंतर्गत जम्मू-कश्मीर के सभी निवासियों को फ्लोटर आधार पर 5 लाख रुपये प्रति परिवार का वित्तीय कवर उपलब्ध कराया जाएगा, जिसका अर्थ है कि इसका उपयोग परिवार के एक या सभी सदस्यों द्वारा किया जा सकता है।
  • पीएम-जेएवाई के परिचालन विस्तार से लगभग 15 लाख अतिरिक्त परिवारों को लाभ होगा। वर्तमान में जम्मू- कश्मीर के लगभग 6 लाख परिवार केंद्रीय आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लाभ ले रहे हैं।
  • इस योजना का लाभ पूरे देश में कहीं भी उठाया जा सकता है। पीएम-जेएवाई योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पताल इस योजना के तहत भी सेवाएं प्रदान करेंगे।
  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है, जिसे 2018 में लॉन्च किया गया था।

मानसर झील विकास योजना


  • केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू में मानसर झील विकास योजना का उद्घाटन किया।
  • मानसर जम्मू के जम्मू- पठानकोट राजमार्ग से 64 किमी. दूर स्थित है। यह एक बहुत ही मनोरम झील है, जिसके चारों ओर देवदार की वन पहाड़ियाँ हैं।
  • उमापति महादेव और नरसिम्हा के दो प्राचीन मंदिर और दुर्गा का मंदिर भी मानसर झील के आसपास स्थित है।
  • सुरिन्ससर झील, मानसर झील से 9 किमी. की दूरी पर स्थित है। नवंबर 2005 में सुरिन्सर-मानसर झील को रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया।
  • परियोजना के लागू होने के बाद, मानसर क्षेत्र में प्रति वर्ष पर्यटकों / तीर्थयात्रियों की संख्या मौजूदा 10 लाख से बढ़कर 20 लाख हो जाएगी।
  • योजना से लगभग 1.15 करोड़ मानव-दिन रोजगार सृजित होंगे और प्रति वर्ष 800 करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी।

जम्मू-कश्मीर में वनरोपण मियावाकी पद्धति की शुरुआत


अक्टूबर 2020 में केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश और जम्मू-कश्मीर प्रदेश विधि सेवा प्राधिकरण की मुख्य संरक्षक गीता मित्तल के सानिध्य और वन विभाग के समन्वय के साथ वनरोपण की मियावाकी पद्धति शुरू की गई है।

उद्देश्य: शहरी वनों को बढावा देना और हरित क्षेत्र का विस्तार करना।

  • मियावाकी एक ऐसी पद्धति है, जिसकी सहायता से घने स्थानीय वनों का विकास किया जा सकता है। इस बेजोड प्रणाली का विकास जापान के वनस्पति विशेषज्ञ अकीरा मियावाकी ने किया है।
  • इसमें यह प्रयास किया जाता है कि पौधों का विकास दस गुना अधिक तेजी से हो, जिससे वृक्षारोपण सामान्य से तीस गुना अधिक घना होता है।

‘चलो गांव की ओर’ कार्यक्रम का तीसरा चरण


केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रशासन द्वारा ‘चलो गांव की ओर’ (Back to village) कार्यक्रम का तीसरा चरण 2 अक्टूबर, 2020 को शुरू किया गया। इस चरण में दस दिन तक जन समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

  • कार्यक्रम के पहले चरण में लोगों की समस्याएं और मांगें समझने की कोशिश की गई। दूसरा चरण पंचायतों को और अधिकार देने, उनकी कार्यशैली समझने पर केंद्रित था।
  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत एक राजपत्रित अधिकारी किसी पंचायत का दौरा करता है, जहां वे ग्राम-विशिष्ट सेवाओं के वितरण में सरकारी प्रयासों में सुधार हेतु लोगों से प्रतिक्रिया लेते हैं।
  • जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा जून 2019 में यह पहल जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने और भागीदारी बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी।

जम्मू - कश्मीर में ‘राष्ट्रीय जेनेरिक दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली’ का शुभारंभ


केंद्र-शासित प्रदेश जम्मू - कश्मीर में, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 18 सितंबर, 2020 को श्रीनगर में राष्ट्रीय जेनेरिक दस्तावेज पंजीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) का शुभारंभ किया।

  • इस प्रणाली में भूमि की बिक्री-खरीद और लेनदेन मौजूदा मैनुअल पंजीकरण प्रणाली की जगह ऑनलाइन होगा। स्टांप पेपर को ई-स्टांप द्वारा बदल दिया गया है।
  • पहले चरण में, जिला श्रीनगर के अलावा चार अन्य जिलों- जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर को भी एनजीडीआरएस कवरेज के तहत शामिल किया गया है।
  • एनजीडीआरएस का हिस्सा बनने वाले राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में जम्मू-कश्मीर 10वां राज्य/ केंद्र-शासित प्रदेश है।

'बैकयार्ड बागवानी' कार्यक्रम


सितंबर 2020 में जम्मू - कश्मीर में, बागवानी विभाग ने जम्मू जिले के मरह ब्लॉक में जसवान पंचायत में पूंजीगत व्यय (CAPEX) योजना के तहत फ्लैगशिप कार्यक्रम 'बैकयार्ड बागवानी' (Backyard Horticulture) शुरू किया है।

उद्देश्य: घर के उपभोग के लिए जैविक फल उत्पादन को बढ़ावा देना और व्यक्तिगत आवश्यकता को पूरा करना।

  • कार्यक्रम के तहत, 200 रूपये की लागत के कम से कम तीन फलों के पौधे 90% सब्सिडी पर किसानों के बीच वितरित किए जाएंगे। इसके तहत 600 परिवारों को कवर किया जायेगा।
  • घरों के पीछे के आँगन में इन फलों के पौधों को लगाते समय कीटों और बीमारियों से दूर रखने के लिए अपनाई जाने वाली सांस्कृतिक प्रथाओं के बारे में किसानों को जागरूक किया गया।

सभी निवासियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा


जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 11 सितंबर, 2020 को केंद्र-शासित प्रदेश के सभी निवासियों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की घोषणा की।

  • इसके दायरे में वे सभी लोग आएंगे, जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल नहीं हैं।
  • योजना के तहत राज्य के निवासियों को केन्द्र सरकार के पैनल में शामिल देशभर के अस्पतालों में नकदीरहित इलाज की सुविधा मिलेगी।
  • योजना में नैदानिक देखभाल और दवाओं सहित अस्पताल में उपचार पूर्व के 3 दिन, अस्पताल में उपचार और उपचार के 15 दिनों के बाद के खर्च को कवर किया जाएगा।
  • इसका लाभ सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिजनों को भी दिया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को 25 लाख रुपये का जीवन बीमा


उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में 18 जुलाई, 2020 को जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक परिषद ने केंद्र-शासित प्रदेश में स्थानीय निकायों के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को 25 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर प्रदान करने का निर्णय लिया है।

उद्देश्य: आतंकवादियों से लगातार खतरे का सामना करने वाले स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्यों को सुरक्षा की भावना प्रदान कर जमीनी लोकतंत्र को मजबूत करना।

  • यह बीमा कवर आतंकवाद से संबंधित घटना के कारण मृत्यु के मामले में केंद्र-शासित प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के सभी निर्वाचित सदस्यों पर लागू होगा, जिसमें खंड विकास परिषद (बीडीसी) के अध्यक्ष, सरपंच, पंच आदि शामिल होंगे।