कर्नाटक की ‘इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास नीति 2021’


2 मार्च, 2021 को कर्नाटक सरकार द्वारा ‘कर्नाटक की इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं विकास नीति 2021’ (Karnataka Engineering Research & Development- ER&D Policy 2021) जारी की गई।

  • भारत में प्रौद्योगिकी इंडस्ट्री के शीर्ष निकाय नैसकॉम (NASSCOM) के अनुसार, ER&D में आगामी पांच वर्षो के भीतर देश में 100 अरब डॉलर का उद्योग बनने की क्षमता है।
  • देश में ER&D क्षेत्र 12.8% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला उद्योग है।

प्रमुख विशेषताएं: इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में देश में इस क्षेत्र में योगदान को बढ़ाकर 45% करने का प्रयास करना है।

  • नीति में ER&D क्षेत्र में पांच वर्षों में 50,000 से अधिक नौकरियां सृजित करने की क्षमता है।
  • नई नीति में एयरोस्पेस और रक्षा; वाहन, वाहनों के कल-पुर्जे और इलेक्ट्रिक वाहन; जैव प्रौद्योगिकी, फार्मा और चिकित्सा उपकरण; अर्धचालक, दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण; और सॉफ्टवेयर उत्पाद जैसे पांच प्रमुख फोकस क्षेत्रों की पहचान की गई है ।

विजयनगर बना कर्नाटक का 31वां जिला


कर्नाटक सरकार ने 8 फरवरी, 2021 को खान समृद्ध बेल्लारी को काटकर नया विजयनगर जिला बनाने की अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही राज्य में 31 जिले हो गए हैं ।

  • विजयनगर साम्राज्य की राजधानी के नाम पर गठित नया जिला कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम, 1964 के तहत बेल्लारी से काटकर बनाया गया।
  • विजयनगर, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों ‘हम्पी’ और ‘विरुपाक्ष मंदिर’ के लिए प्रसिद्ध है।
  • इस नये जिले में छ: तालुक होंगे और ‘होस्पेट’ उसका मुख्यालय होगा। कुडलिगि, हगीरभूम्मना हल्ली, कोट्टुरू, होविना हदगली और हरपनहल्ली अन्य तालुक होंगे।

न्यू अनुभव मंडप


कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने 6 जनवरी, 2021 को बसवकल्याण में 'न्यू अनुभव मंडप’ (New Anubhava Mantapa) की आधारशिला रखी।

  • ज्ञात हो कि यह वह स्थान है, जहां 12वीं शताब्दी के कवि-दार्शनिक बसवेश्वरा अपने जीवन के अधिकांश समय तक रहे थे। बसवेश्वरा (वीरशैव-लिंगायत समुदाय के एक प्रतीक) को ‘बासवन्ना’ के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह 7.5 एकड़ भूखंड में बनी छ: मंजिला संरचना होगी, जो कि बसवेश्वरा के दर्शन के विभिन्न सिद्धांतों का प्रतिनिधित्व करेगी।
  • यह 12वीं शताब्दी में बसवेश्वरा द्वारा बसवकल्याण में स्थापित ‘अनुभव मंडप’ (जिसे प्रायः विश्व की पहली संसद के रूप में संदर्भित किया जाता है) को प्रदर्शित करेगी। बसवेश्वरा द्वारा स्थापित ‘अनुभव मंडप’ में विभिन्न दार्शनिकों और समाज सुधारकों द्वारा वाद-विवाद किया जाता था।

विशेषताएं: इसका निर्माण वास्तुकला की कल्याण चालुक्य शैली में किया जाएगा। 770 स्तंभों वाली इस भव्य संरचना में 770 लोगों के बैठने की क्षमता वाला एक सभागार भी बनाया जाएगा।

  • ऐसा माना जाता है कि 770 शरणों (बसवेश्वरा के अनुयायी) ने 12वीं शताब्दी में ‘वचन’ सुधारवादी आंदोलन का नेतृत्त्व किया था।
  • इसके शीर्ष पर एक विशाल शिवलिंग स्थापित किया जाएगा।
  • इस परियोजना में अत्याधुनिक रोबोट प्रणाली, ओपन-एयर थिएटर, आधुनिक जल संरक्षण प्रणाली, पुस्तकालय, अनुसंधान केंद्र, प्रार्थना कक्ष और योग केंद्र आदि की भी परिकल्पना की गई है।

बेंगलुरु में बिजली वितरण प्रणाली उन्नयन


एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने 31 दिसंबर, 2020 को कर्नाटक राज्य के बेंगलुरु शहर में बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और इसके उन्नयन के लिए 100 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • इसके तहत बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • एडीबी 100 मिलियन डॉलर के सोवेरन ऋण के अलावा, बेंगलुरु विद्युत आपूर्ति कंपनी लिमिटेड, जो कर्नाटक में राज्य-स्वामित्व वाली पांच वितरण कंपनियों में से एक है, को परियोजना के लिए सोवेरन गारंटी के बिना 90 मिलियन डॉलर का ऋण प्रदान करेगा।
  • ऊपरी केबललाइनों को भूमिगत करने से ऊर्जा-कुशल वितरण नेटवर्क बनाने में मदद मिलेगी, तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान तथा चक्रवात जैसे प्राकृतिक खतरों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा।

कर्नाटक भूमि सुधार (संशोधन) विधेयक, 2020


कर्नाटक सरकार ने भूमि सुधार अधिनियम 1961 में संशोधन किए है। संशोधन संबंधित ‘कर्नाटक भूमि सुधार (संशोधन) विधेयक, 2020’ राज्य विधान सभा द्वारा 8 दिसंबर, 2020 को पारित किया गया।

  • संशोधन से गैर-कृषक राज्य में कृषि भूमि खरीद सकते हैं, जिससे इसका विरोध हो रहा है।
  • कर्नाटक भूमि सुधार (संशोधन) विधेयक, 2020 ने कर्नाटक भूमि सुधार अधिनियम 1961 के तीन प्रमुख खंडों को निरस्त कर दिया है, जिसमें कृषि भूमि के स्वामित्व पर कुछ प्रतिबंध लगाए गए थे।
  • संशोधनों ने अधिनियम की ‘धारा 79 ए’ के उन प्रावधानों को हटा दिया है, जो कृषि भूमि खरीदने के लिए केवल प्रतिवर्ष 25 लाख रुपये से कम आय वालों को अनुमति देता है।
  • ‘धारा 79 बी’ के प्रावधानों को हटा दिया गया है। ‘धारा 79 बी’ के अनुसार केवल कृषि के माध्यम से जीविकोपार्जन करने वाले लोग कृषि भूमि खरीद सकते हैं।
  • संशोधन ने अधिनियम की ‘धारा 79 सी’ को भी हटा दिया है, जिसके तहत राजस्व विभागों को भूमि खरीद के लिए ‘धारा 79 ए’ और ‘धारा 79 बी’ के कथित उल्लंघन की जांच करने की अनुमति थी।

कर्नाटक सरकार और ब्रिटिश काउंसिल के बीच समझौता


कर्नाटक सरकार और ब्रिटिश काउंसिल ने 17 दिसंबर, 2020 को उच्च शिक्षा में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

  • तीन साल का एमओयू कर्नाटक और यूनाइटेड किंगडम में शिक्षण संकायों के बीच नेतृत्व विकास को सशक्त बनाने की सुविधा प्रदान करेगा।
  • दोनों निकाय विचारों के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करेंगे और शैक्षिक कार्यक्रमों की योजना के लिए एक रोडमैप सुझाएंगे।

बेंगलुरु मिशन 2022


कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने 17 दिसंबर, 2020 को ‘बेंगलुरु मिशन 2022’ लॉन्च किया।

उद्देश्य: बेंगलुरु के लोगों को आवश्यक बुनियादी ढाँचा और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराना।

  • इसके तहत देश की आजादी के 75वें वर्ष के अवसर पर बेंगलुरु को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों में से एक बनाने के लिए कार्य करना है।

मिशन के मुख्य बिंदु: बेंगलुरु के लिए बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण में चुनौती के चार प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा - तेजी से आवागमन को सक्षम करना, एक स्वच्छ और हरियाली वाला शहर, विभिन्न सेवाओं तक पहुंच प्रदान करके नागरिकों को शहर से जोड़ना तथा संस्कृति और विरासत का अनुभव कराना।

  • मिशन के तहत सार्वजनिक परिवहन उपयोग, उप-नगरीय रेलवे परियोजना को प्रोत्साहन और ‘नम्मा मेट्रो’ को भी गति प्रदान करने का प्रावधान।
  • कर्नाटक सड़क विकास निगम द्वारा 190 किलोमीटर के 12 उच्च घनत्व वाले गलियारों के विकास का प्रावधान; सिंक्रोनस सिग्नल लाइट्स’ (synchronous signal lights) की स्थापना का प्रावधान।
  • साझा इलेक्ट्रिक वाहन आवागमन को बढ़ावा; मेट्रो परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने की योजना।
  • हरियाली सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ झीलों और जलमार्ग बनाने तथा 400 एकड़ के दो ‘विशाल वृक्ष पार्क’ (large tree parks) विकसित करने का प्रावधान।
  • कर्नाटक सरकार द्वारा ‘नन्ना कसा नन्ना जवाबदारी’ (मेरा कचरा मेरी जिम्मेदारी) थीम के तहत शहर के लिए कचरा प्रबंधन प्रणाली को संस्थागत करने का प्रावधान।
  • शहर की विरासत और संस्कृति का 360 डिग्री में अनुभव करने के लिए, NGEF बेंगलुरु में एक संग्रहालय स्थापित किया जाएगा।