केरल ज्ञान मिशन


9 फरवरी‚ 2021 को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ‘केरल ज्ञान मिशन’ (Kerala Knowledge Mission) का शुभारंभ किया है।

उद्देश्य: केरल राज्य को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना।

  • ‘केरल ज्ञान मिशन’ अभिनव विचारों को बढ़ावा देने‚ ज्ञान आधारित पहल को समन्वित करने तथा युवाओं को अद्यतन कौशल युक्त करने का प्रयास करेगा।
  • यह मिशन शिक्षित युवाओं के लिए एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करता है‚ जो उन्हें अद्यतन कौशल प्रदान करने तथा उनके ज्ञान में वृद्धि करने के साथ-साथ बदलते बाजार की चुनौतियों का सामना करने हेतु सक्षम बनाता है।
  • मिशन का संचालन राज्य सरकार द्वारा स्थापित एक रणनीतिक थिंकटैंक के रूप में ‘केरल विकास और नवाचार रणनीतिक परिषद’ (K-DISC) द्वारा किया जाएगा।
  • यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उन व्यक्तियों के लिए एक अवसर उपलब्ध कराएगा‚ जिन्होंने वैश्विक नियोक्ताओं के साथ जुड़ने के लिए काम और नौकरी से ब्रेक ले लिया है। इस प्लेटफॉर्म से प्रतिवर्ष लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे।
  • केरल सरकार इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्यमियों के लिए बीमा एवं ऋण सहायता जैसे लाभ प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री द्वारा केरल में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत


14 फरवरी, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि, केरल में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

  • प्रधानमंत्री ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रॉपीलीन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट (Propylene Derivative Petrochemical Project- PDPP) को राष्ट्र को समर्पित किया। यह परिसर ऐक्रेलिक एसिड (Acrylic Acid), ऑक्सो-अल्कोहल और एक्रिलेट्स का उत्पादन करेगा, जिसे वर्तमान में बाहर से आयात किया जाता है।
  • उन्होंने बोलगाटी और विलिंगडन के बीच संचालित होने वाली आरओ-आरओ (Ro-Ro) जहाज सेवा को देश को समर्पित किया।
  • उन्होंने कोचीन बंदरगाह पर अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल ‘सागरिका’ का उद्घाटन किया। एर्नाकुलम घाट पर स्थित यह भारत का पहला पूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल है।
  • उन्होंने कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के समुद्र इंजीनियरिंग प्रशिक्षण संस्थान परिसर ‘विज्ञान सागर’ का उद्घाटन भी किया। यह एक प्रमुख समुद्री अध्ययन केन्द्र है और समुद्री जहाज के भीतर काम करने वाला भारत का एकमात्र समुद्री संस्थान है।
  • उन्होंने कोचीन बंदरगाह पर साउथ कोल बर्थ के पुनर्निर्माण की आधारशिला भी रखी, जिसका पुनर्निर्माण सागरमाला योजना के तहत करीब 19.19 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है।

वन स्कूल‚ वन आईएएस योजना


16 जनवरी‚ 2021 को केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य भर में 10,000 मेधावी, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रशासनिक सेवाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग प्रदान करने के लिए वेदिक एरुडाइट फाउंडेशन की महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का नाम ‘वन स्कूल‚ वन आईएएस’ (One School One IAS) है।

  • अभिनेत्री मंजू वरियर ने फाउंडेशन की छात्रवृत्ति योजना के पहले प्रायोजक बनने की घोषणा की, जिसके तहत वह 10 छात्राओं को प्रशासनिक सेवा के लिए कोचिंग कराने पर आने वाले खर्च का वहन करेंगी।
  • यह फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित करेगा और उन्हें हाईस्कूल स्तर से ही उच्च शिक्षा के बारे में जागरूक करेगा।

केरल सार्वजनिक शिक्षा पूरी तरह से डिजिटल करने वाला पहला राज्य


  • केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 12 अक्टूबर, 2020 को राज्य के सार्वजनिक शिक्षा क्षेत्र को पूरी तरह से डिजिटल घोषित कर दिया है।
  • केरल ऐसा पहला राज्य बन गया है, जिसके सभी सार्वजनिक स्कूलों की कक्षाएं उन्नत तकनीक से लैस (high-tech classrooms) हैं।
  • इन्हें राज्य में 'सार्वजनिक शिक्षा कायाकल्प मिशन' के हिस्से के रूप में लागू किया गया था। स्मार्ट क्लासरूम परियोजना के लिए 16,027 स्कूलों में 3.74 लाख से अधिक डिजिटल उपकरण वितरित किए गए हैं। यह परियोजना 21 जनवरी, 2018 को शुरू की गई थी।
  • केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) द्वारा केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) से वित्तीय सहायता के साथ उन्नत तकनीक कक्षा परियोजना को लागू किया गया है।