मिशन ग्रामोदय


मध्य प्रदेश में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 18 मार्च, 2021 को राज्य में ‘मिशन ग्रामोदय’ की शुरूआत की।

  • ग्रामोदय मिशन के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा।
  • मध्य प्रदेश में ग्रामीण विकास योजनाओं, विशेष रूप से ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों में तीन लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है। लगभग एक लाख पच्चीस हजार लाभार्थी परिवारों को ग्रामोदय मिशन के तहत गृह प्रवेश कराया गया।

दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना का दूसरा चरण


26 फरवरी‚ 2021 को राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीनदयाल अंत्योदय रसोई योजना के दूसरे चरण का शुभांरभ किया।

  • द्वितीय चरण में उन्होंने सुदृढ़ीकृत एवं नवीन 100 रसोई केंद्रों का वर्चुअल शुभारंभ किया।
  • यह रसोई केंद्र 52 जिला मुख्यालय और 6 धार्मिक नगर जैसे मैहर‚ ओंकारेश्वर‚ महेश्वर‚ अमरकंटक‚ ओरछा और चित्रकूट में संचालित होंगे।
  • रसोई केंद्र में सोमवार से शनिवार तक 10 रुपये प्रति थाली भोजन दिया जाएगा। रसोई केंद्र की स्थापना बस स्टैंड‚ रेलवे स्टेशन‚ जिला अस्पतालों के पास की गई है।
  • नवीन योजना में रसोई केंद्रों की स्थापना के लिए 13.36 करोड़ रुपये की एक-मुश्त सहायता और 15.84 करोड़ रुपये का आवर्ती व्यय का बजट स्वीकृत किया गया है।

सिंगोरगढ़ किले का संरक्षण कार्य


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 7 मार्च , 2021 को मध्य प्रदेश में दामोह जिले के सिंग्रामपुर गांव में सिंगोरगढ़ किले के संरक्षण कार्यों का शिलान्यास किया। राष्ट्रपति ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के नए जबलपुर सर्कल का भी उद्घाटन किया।

  • जबलपुर शहर से लगभग 50 किमी. दूर दामोह जिले में सिंगोरगढ़ किला स्थित है। यह महाराजा संग्राम शाह के 52 गढ़ों में से चौथा है।
  • यह किला गोंडवाना की रानी दुर्गावती की वीरता की गाथा के साथ जुड़ा हुआ है। सिंगोरगढ़ किला एक पहाड़ की चोटी पर बनाया गया था।

रानी दुर्गावती: इनका जन्म 5 अक्टूबर, 1524 को प्रसिद्ध चंदेल सम्राट कीरत राय के परिवार में हुआ था।

  • 1542 में, उनका विवाह गोंड वंश के राजा संग्रामशाह के सबसे बड़े पुत्र दलपतशाह से हुआ था।
  • वर्ष 1550 के आसपास दलपतशाह की मृत्यु के बाद दुर्गावती ने गोंड साम्राज्य की बागडोर अपने हाथों में ले ली थी।
  • रानी दुर्गावती के शासन में गढ़ साम्राज्य वंश के अंतिम युद्ध के दौरान जून 1564 में किले पर मुगलों द्वारा हमला किया गया था।
  • युद्ध के दौरान रानी भी एक तीर से घायल हो गई। रानी के महावत ने उन्हें युद्ध के मैदान छोड़ने की सलाह दी लेकिन रानी ने इनकार कर दिया और अपने खंजर से खुद को मार लिया।

'पंख अभियान'


24 जनवरी, 2021 को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालिकाओं के सशक्तीकरण और विकास में सहायता के लिए 'बेटी बचाओ बेटी पढाओ' योजना के तहत 'पंख अभियान' (PANKH Abhiyan) शुरू किया।

  • पंख बेटियों की सुरक्षा, अधिकारों की जागरूकता, पोषण, ज्ञान तथा स्वास्थ्य (Protection, Awareness of their rights, Nutrition, Knowledge and Health- PANKH) का अनूठा अभियान है।
  • अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के सहयोग से किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जाएगा तथा किशोरियों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा।
  • बालिका जन्म को प्रोत्साहन, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रचार-प्रसार, किशोरियों और उनके अभिभावकों को कुप्रथाओं की समाप्ति के लिए जागरूक करना अभियान के अंग हैं।
  • मुख्यमंत्री ने 'लाडली लक्ष्मी योजना' के तहत 26,099 लड़कियों के लिए 6.47 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति की भी घोषणा की।

शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु 'सांस' अभियान


मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग ने 5 फरवरी, 2021 को निमोनिया के कारण शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से 'सांस' (Social Awareness and Action to Neutralise Pneumonia Successfully- SAANS) अभियान शुरू किया है।

  • 'सांस' अभियान राज्य के 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को निमोनिया रोग से बचाने के लिये संचालित होगा।
  • शिशुओं में निमोनिया के कारण मृत्यु दर को कम करने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत चिकित्सा कर्मियों को सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस उद्देश्य के लिए राज्य में लगभग 4,000 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
  • राज्य सरकार ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ और यूनिसेफ के साथ साझेदारी में प्रशिक्षण मॉड्यूल भी विकसित किया है, जिसका उपयोग डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ सहित स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल को बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट


4 जनवरी‚ 2021 को मध्य प्रदेश के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने जानकारी प्रदान की कि विश्व का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध पर बनने जा रहा है।

  • 600 मेगावॉट वाले इस प्राजेक्ट में अनुमानित निवेश राशि 3000 करोड़ रुपये है। अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी)‚ विश्व बैंक और पॉवर ग्रिड ने इस प्रोजेक्ट के विकास में सहयोग देने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है।
  • इस प्रोजेक्ट (परियोजना) से वर्ष 2022-23 तक विद्युत उत्पादन होने की संभावना है।
  • परियोजना में ओंकारेश्वर जलाशय में फ्लोटिंग (तैरते हुए) सोलर पैनल होंगे। बांध के लगभग 2000 हेक्टेयर जल क्षेत्र में सोलर पैनल से लगातार बिजली उत्पादन होगा।
  • तैरने वाले यह सोलर पैनल बांध का जलस्तर कम-अधिक होने पर स्वत: ही ऊपर नीचे एडजस्ट होते रहेंगे। तेज लहरों और बाढ़ का इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

लांच पैड योजना


4 जनवरी‚ 2021 को महिला एवं बाल विकास विभाग‚ मध्य प्रदेश द्वारा समेकित बाल संरक्षण योजना के अंतर्गत नवाचार के रूप में ‘लांच पैड योजना’ (Launch Pad Scheme) शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

उद्देश्य: प्रदेश के बाल देखरेख संस्थाओं (child care institutions) के संस्थागत देखरेख से बाहर आने वाले 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके बालक/बालिकाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना‚ जिसके माध्यम से वे संस्थागत जीवन से बाहर आने के बाद अपने शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य को जारी रखते हुए आत्मनिर्भर हो सकें।

  • योजना के अंतर्गत प्रदेश के 52 जिलों को 5 क्लस्टर में बांटा गया है। पांच संभागीय मुख्यालय इंदौर‚ सागर‚ ग्वालियर‚ जबलपुर तथा भोपाल में शुरू किए जा रहे हैं।
  • इसका क्रियान्वयन चालू वित्तीय वर्ष में किया जाएगा।
  • योजना के अंतर्गत बाल गृहों के 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके 6 से 8 युवाओं के समूह को कॉफी शॉप‚ स्टेशनरी‚ फोटोकॉपी‚ कंप्यूटर टाइपिंग‚ डी.टी.पी.कार्य‚ नोटरी आदि कार्य हेतु जिला प्रशासन द्वारा स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।
  • प्रत्येक ‘लांच पैड’ (Launch Pad) की स्थापना हेतु 6 लाख रुपये की राशि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

संगीत महोत्सव: तानसेन समारोह 2020


मध्य प्रदेश में बहुप्रतीक्षित ‘संगीत महोत्सव: तानसेन समारोह 2020’ 26 से 30 दिसंबर, 2020 तक आयोजित किया गया।

  • तानसेन समारोह मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के बेहट गाँव (तानसेन की जन्मस्थली) में हर साल दिसंबर माह में आयोजित किया जाता है। इस साल यह 96वां संस्करण था।
  • राज्य सरकार के संस्कृति विभाग की ओर से मध्य प्रदेश सांस्कृतिक परिषद और उस्ताद अल्लाउद्दीन खान संगीत एवं कला अकादमी द्वारा संयुक्त रूप से इस विश्व स्तरीय संगीत समारोह का आयोजन किया जाता है।
  • 5 दिवसीय संगीत समारोह में महान संगीतज्ञ तानसेन को श्रद्धांजलि देने के लिए दुनिया भर के कलाकार और संगीत प्रेमी यहां इकट्ठा होते हैं।
  • समारोह में जाने माने संतूर वादक पंडित सतीश व्यास को प्रतिष्ठित ‘तानसेन सम्मान’ से नवाजा गया। भोपाल स्थित अभिनव कला परिषद संस्थान को ‘राजा मान सिंह तोमर’ पुरस्कार दिया गया।
  • तानसेन सबसे प्रसिद्ध ध्रुपद गायकों में से एक थे और सम्राट अकबर के दरबार के नौ रत्नों में से एक थे। उन्हें ‘मियां की उपाधि’ अकबर द्वारा दी गई थी।

हस्तशिल्प ब्रांड 'राग-भोपाली'


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र के अनुरूप, मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल के हस्तशिल्प को एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान देने के लिए 'राग-भोपाली' नामक एक नया ब्रांड पेश करने का निर्णय लिया है।

  • भोपाल अपनी जरी (zari), जरदोजी (zardozi) और जूट के काम के लिए लोकप्रिय है।
  • केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने पहले ही भोपाल को जरी और जरदोजी का क्लस्टर बनाने का निर्णय लिया है।
  • भोपाल के गौहर महल में 26 से 30 दिसंबर, 2020 तक 'राग-भोपाली' नामक हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें जरी, जरदोजी और जूट के सामान दिल्ली और मुंबई सहित विभिन्न शहरों के निर्यातकों की उपस्थिति में प्रदर्शित किए जाएंगे।

ग्वालियर और ओरछा यूनेस्को विश्व विरासत शहर सूची में


दिसंबर 2020 में मध्य प्रदेश के ग्वालियर और ओरछा को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत शहर की सूची में शामिल किया गया है।

  • इस सूची में शामिल होने के बाद, यूनेस्को राज्य के पर्यटन विभाग के साथ मिलकर ग्वालियर और ओरछा के पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्मारकों को संरक्षित और परिष्कृत करने का काम करेगा।

ग्वालियर: 9वीं शताब्दी में स्थापित ग्वालियर गुर्जर प्रतिहार राजवंश, तोमर, बघेल कच्छवाहो और सिंधिया द्वारा शासित रहा। उनके द्वारा बनाए गए स्मारक, किले और महल यहाँ बहुतायत में पाए जाते हैं।

  • ग्वालियर अपने महलों और मंदिरों के लिए जाना जाता है, जिसमें जटिल नक्काशीदार 'सास बहू का मंदिर' भी शामिल है।

ओरछा: मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित ओरछा अपने मंदिरों और महलों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। ओरछा पूर्ववर्ती बुंदेल राजवंश की 16वीं शताब्दी की राजधानी थी।

  • कई मंदिर और महल यहां स्थित हैं। जैसे ओरछा राज महल, जहाँगीर महल, रामराजा मंदिर, राय प्रवीण महल आदि।

मध्य प्रदेश में गऊ कैबिनेट


मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में गोधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक विशेष समिति गठित करने का फैसला किया है, जिसे ‘गऊ कैबिनेट’ (Gau Cabinet) का नाम दिया गया है।

  • आगर मालवा में स्थित गौ अभयारण्य में गोपाष्टमी के दिन गऊ कैबिनेट की पहली बैठक 22 नवम्बर, 2020 को आयोजित की गई।
  • इस कैबिनेट में पशुपालन, वन, पंचायत और ग्रामीण विकास, राजस्व, गृह और किसान कल्याण विभागों के मंत्रियों को शामिल किया गया है।
  • ज्ञात हो कि भोपाल से लगभग 210 किमी. दूर आगर मालवा के सालरिया गाँव में स्थित ‘कामधेनु गौ अभयारण्य’ देश का पहला गौ अभयारण्य है। इसकी स्थापना राज्य सरकार द्वारा सितंबर 2017 में की गयी थी।
  • 472 हेक्टेयर में फैले इस अभ्यारण्य को मध्यप्रदेश गौ संवर्धन बोर्ड द्वारा लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।

'पोषित परिवार- सुपोषित मध्यप्रदेश' अभियान


  • नवंबर 2020 में मध्य प्रदेश में, 'पोषित परिवार- सुपोषित मध्यप्रदेश' अभियान के तहत सभी जिलों में अत्यधिक गंभीर कुपोषित बच्चों का ‘समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन कार्यक्रम’ चलाया जा रहा है।
  • इस अभियान के तहत, अत्यधिक गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान की जाती है और उनके पंजीकरण के बाद 12 सप्ताह या 3 महीने के निरंतर प्रयास के बाद उन्हें सामान्य पोषण स्तर पर लाया जाता है।
  • अभियान के तहत उन परिवारों को सम्मानित भी किया जाएगा, जिनके प्रयासों से गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में बदलाव आएगा। परिवारों को दो किस्तों में 400 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

टाइग्रेस ऑन द ट्रेल


मध्य प्रदेश में महिलाओं के लिए साहसिक और सुरक्षित पर्यटन को बढावा देने के उद्देश्य से 19 नवंबर, 2020 से राज्य में अनूठी रोमांचक मोटरसाइकिल यात्रा शुरू की गई। भोपाल से महिला बाइकर्स की इस टीम को पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

  • ‘टाइग्रेस ऑन द ट्रेल’ (Tigress on the trail) नाम से शुरू की गई इस यात्रा में देशभर से शामिल होने वाली 15 विशिष्ट महिलाएं राज्य के विभिन्न पर्यटनों स्थलों का भ्रमण करेंगी।
  • ‘टाइग्रेस ऑन द ट्रेल’ में महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार और कर्नाटक की महिला बाइकर्स शामिल हैं।
  • 1500 किमी. की इस यात्रा में, ये महिलाएं मढ़ई, पेंच, कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और खजुराहो की यात्रा करेंगी और अंत में 25 नवंबर को भोपाल लौटेंगी।

मध्य प्रदेश के 64 छोटे शहरों हेतु एडीबी से ऋण समझौता


एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और भारत सरकार ने मध्य प्रदेश में बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए 12 अक्टूबर, 2020 को 270 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए।

  • इसके तहत जल की आपूर्ति, भारी बारिश के जल और सीवेज प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे को विकसित करने और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) की क्षमताओं को मजबूत किया जाएगा।
  • यह मध्य प्रदेश शहरी सेवा सुधार परियोजना के दायरे को बढ़ाने के लिए एक अतिरिक्त वित्तपोषण है, जिसे 2017 में 275 मिलियन डॉलर ऋण के साथ अनुमोदित किया गया था।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना


मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना की तर्ज पर 22 सितंबर, 2020 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' लागू करने की घोषणा की।

  • इस योजना के तहत, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के पात्र लाभार्थियों को सालाना 4000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। अब वे 10 हजार रुपये की वार्षिक सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
  • मध्य प्रदेश के लगभग 80 लाख किसान मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से लाभान्वित होंगे।

चम्‍बल प्रोग्रेस वे की तर्ज पर नर्मदा एक्‍सप्रेसवे


मध्‍य प्रदेश में चम्‍बल प्रोग्रेस वे की तर्ज पर नर्मदा एक्‍सप्रेसवे बनाया जाएगा। इससे मध्‍य प्रदेश और गुजरात में औद्योगिक विकास तेज होगा और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।

  • ये एक्‍सप्रेसवे अमरकंटक से अलीराजपुर होता हुआ गुजरात तक जाएगा। लगभग 1300 किमी. लंबाई के इस एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक क्लस्टर भी बनाए जाएंगे, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों के विकास में मदद मिलेगी।
  • ज्ञात हो कि इससे पहले मध्‍य प्रदेश में लगभग 6000 करोड़ रुपये की लागत से 309 किमी. लंबाई का चंबल प्रोग्रेस वे बनाया जा रहा है, जो कि श्योपुर, मुरैना एवं भिण्ड जिले से होता हुआ राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को जोड़ेगा।

'चंबल एक्सप्रेस-वे' का नाम अब 'चंबल प्रोग्रेस-वे'


28 जुलाई, 2020 को राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक में 'चंबल एक्सप्रेस-वे' का नाम बदलकर 'चंबल प्रोग्रेस-वे' करने का निर्णय लिया गया।

  • साथ ही भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत चंबल प्रोग्रेस-वे के निर्माण की भी स्वीकृति दी गयी। योजना के अन्तर्गत मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा से मुरैना होते हुए भिण्ड जिले तक 309 किलोमीटर की 4-लेन ग्रीन फील्ड सड़क के निर्माण को अनुमोदन प्रदान किया गया।
  • परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा नि:शुल्क भूमि उपलब्ध करायी जाएगी। अर्जित की जाने वाली निजी भूमि को यथासंभव शासकीय भूमि से अदला-बदली की जाएगी।

मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना


28 जुलाई, 2020 को राज्य मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पथ विक्रेता ऋण योजना को मंजूरी प्रदान की।

  • योजना के तहत 18 से 55 वर्ष आयु वर्ग के पात्र व्यक्तियों को व्यवसाय के लिए 10 हजार रूपये तक की कार्यशील पूंजी बैंक से ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जायेगी।
  • जुलाई 2020 से मार्च 2022 तक लागू होने वाली इस योजना में एक लाख ग्रामीण गरीबों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। योजना से लगभग 14 करोड़ रूपये का वार्षिक वित्तीय भार आएगा।

रोको-टोको अभियान


12 जुलाई, 2020 को कोविड-19 महामारी का मुकाबला करने के खिलाफ अपनी लड़ाई में, मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी दिनों में ‘रोको-टोको’ नाम से एक अभियान शुरू करने की घोषणा की। यह अभियान उन लोगों पर केंद्रित होगा, जो मध्य प्रदेश राज्य में मास्क नहीं पहन रहे हैं।

  • इसके तहत जिले के कलेक्टर द्वारा चयनित स्वैच्छिक संगठन उन लोगों को मास्क प्रदान करेंगे, जो सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनते हैं और उनसे प्रति मास्क 20 रुपये की राशि वसूलेंगे।

  • चयनित संगठनों को 'जीवन शक्ति योजना' के तहत बनाए गए 100 मास्क क्रेडिट पर प्रदान किए जाएंगे।