चेरी ब्लॉसम माओ फेस्टिवल


मणिपुर में, सेनापति जिले में 9 जनवरी, 2021 को ‘चेरी ब्लॉसम माओ फेस्टिवल’ (Cherry Blossom Mao Festival) आयोजित किया गया, जो जिले में गुलाबी मौसम (Pink season) की शुरुआत का प्रतीक है।

  • मणिपुर में सेनापति जिले का ‘माओ क्षेत्र’ चेरी ब्लॉसम के लिए जाना जाता है, एक पौधा जो जापान में लोकप्रिय रूप से ‘सकुरा’ (Sakura) के रूप में जाना जाता है।
  • मणिपुर सरकार 2017 से हर साल त्योहार का आयोजन करती है। फेस्टिवल में माओ शहर के खूबसूरत परिदृश्य को सुंदर चेरी ब्लॉसम फूलों से सजाया गया था।
  • ‘चेरी’ वंश प्रूनस (Prunus) के कई पेड़ों का एक फूल है। पद्म यानी हिमालय चेरी का वैज्ञानिक नाम 'प्रूनस सेरासॉइड्स' (Prunus cerasoides) है। यह हिमालयी क्षेत्र में 1200 मीटर - 2400 मीटर की ऊंचाई पर उगता है।

अमूर फाल्कन की सुरक्षा हेतु जागरूकता अभियान


नवंबर 2020 में मणिपुर सरकार ने दो महीने तक मणिपुर के पहाड़ी जिलों में प्रवास करने वाले पक्षियों, अमूर फाल्कन की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है।

  • सेनापति और चुराचंदपुर जिलों के जिला मजिस्ट्रेट ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए। अमूर फाल्कन के शिकार, इन्हें पालने और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।
  • निर्देशों का उल्लंघन करने वालों को मणिपुर वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 50/51 के तहत दंडित किया जा सकता है।
  • सर्दियों की शुरुआत के साथ, प्रवासी पक्षी विशेष रूप से अमूर फाल्कन पूर्वोत्तर भारत में बड़ी संख्या में झीलों और जल निकायों में प्रवास के लिए आते हैं। अमूर फाल्कन मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी साइबेरिया में प्रजनन करता है।
  • IUCN द्वारा अमूर फाल्कन को 'संकटमुक्त' (Least Concern) श्रेणी में रखा गया है। यह 'वन्य प्राणियों के प्रवासी प्रजाति के संरक्षण पर अभिसमय' (CMS) के परिशिष्ट II में सूचीबद्ध है।

दुनिया के सबसे ऊंचे पियर ब्रिज का निर्माण मणिपुर में


भारतीय रेल मणिपुर में दुनिया के सबसे ऊंचे स्तम्भ वाले पुल (पियर ब्रिज) का निर्माण कर रही है। यह पुल नोनी के पास ‘इजाई’ नदी पर बनाया जा रहा है।

  • पुल के सबसे बड़े स्तम्भ की ऊँचाई 141 मीटर होगी। फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा पियर ब्रिज (pier bridge) यूरोप में मोंटेनीग्रो में ‘माला-रिजेका वायाडक्ट’ (Mala - Rijeka viaduct) को माना जाता है, जिसकी ऊंचाई 139 मीटर है।
  • पुल राजधानी इम्फाल से लगभग 65 किलोमीटर पश्चिम में, नोनी जिले के मारंगचिंग के पर्वतीय इलाके में है। इस पुल की कुल लम्बाई 703 मीटर होगी।
  • यह पुल 111 किमी. जिरिबाम-तुपुल-इम्फाल न्यू बीजी लाइन परियोजना का हिस्सा है। 280 करोड़ रुपए की लागत का यह पुल मार्च 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा।

मणिपुर में जल आपूर्ति परियोजना


प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 23 जुलाई, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘मणिपुर में जल आपूर्ति परियोजना’ की आधारशिला रखी।

  • मणिपुर जल आपूर्ति परियोजना को केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन के तहत 3054.58 करोड़ रुपये की परियोजना लागत के साथ चलाया जाएगा। इस मिशन के तहत, केंद्र सरकार ने 2024 तक देश के हर ग्रामीण घर में 'हर घर जल' के उद्देश्य के साथ सुरक्षित और पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
  • 40 जल आपूर्ति योजनाओं से युक्त इस परियोजना का निर्माण 25 शहरों में किया जाएगा और 22 जलाशय, 20 ओवरहेड टैंक, 6 नदी अंतर्ग्रहण (River intakes) का निर्माण 'इंफाल योजना क्षेत्र' (Imphal Planning Area) में भी किया जाएगा।
  • इसके अलावा, 1231 ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं का निर्माण 1731 बस्तियों में किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य 2024 तक है।