कोन्याक समुदाय द्वारा चरमपंथी समूहों को करों का भुगतान करने से इनकार


अप्रैल 2021 में नागालैंड की कोन्याक जनजाति ने राज्य में कई चरमपंथी समूहों को "करों" का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। नागाओं के समाधान के लिए चरमपंथी समूहों के एकजुट न होने के कारण यह निर्णय लिया गया।

  • राज्य के मोन जिले में कोन्याक समुदाय द्वारा "कोई एकता, कोई कर नहीं" (no unity, no tax) घोषणा को कई कराधान को समाप्त करके लोगों को वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए एक कदम के रूप में माना जा रहा है।
  • नागालैंड में कई चरमपंथी समूह हैं और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) के एक कट्टर गुट को छोड़कर सभी ने केंद्र के साथ युद्धविराम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से प्रत्येक समूह समानांतर सरकार चलाता है और लोगों से कर वसूलता है।
  • नागालैंड के मोन जिले में लगभग सौ गाँवों में कोन्याक बसे हैं। कोन्याक नागालैंड के पारंपरिक शिकारी और योद्धा हैं, लेकिन अब उनका मुख्य व्यवसाय कृषि है। कोन्याक को उनके चेहरे पर टैटू (tattoo) से आसानी से पहचाना जा सकता है।
  • अतीत में अपने दुश्मनों के सिर काट कर उन्हें अपने घरों के बाहर प्रदर्शित करने के कारण कोन्याक को सिर शिकारी (head hunters) के रूप में भी जाना जाता है।

नागालैंड: कक्षा शिक्षण और संसाधन सुधार परियोजना


भारत सरकार, नागालैंड सरकार और विश्व बैंक ने 23 फरवरी, 2021 को नागालैंड के स्कूलों के प्रशासनिक कामकाज में सुधार के साथ ही चुनिंदा स्कूलों में शिक्षा की प्रक्रियाओं और पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने के लिए 6.8 करोड़ डॉलर की ‘नागालैंड: कक्षा शिक्षण और संसाधन सुधार परियोजना’ पर हस्ताक्षर किए।

  • इस परियोजना से कक्षा में पढ़ाई में सुधार होगा; शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए अवसर पैदा होंगे; और विद्यार्थियों व शिक्षकों को उपलब्ध कराने के लिए तकनीक प्रणाली बनाई जाएंगी।
  • इस रणनीति के तहत, नागालैंड के 44 उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में से 15 को ऐसे स्कूल परिसरों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां परियोजना अवधि के दौरान परिकल्पित प्रवीणता (envisioned learning के माहौल को तैयार किया जा सकता हो।