प्रधानमंत्री द्वारा तमिलनाडु में विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी, 2021 को तमिलनाडु का दौरा किया और विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की तथा आधारशिला रखी।

  • प्रधानमंत्री ने 3770 करोड़ रुपये की लागत से बने चेन्नई मेट्रो रेल फेज-1 एक्सटेंशन, ‘चेन्नई बीच और अट्टिपट्टु’ के मध्य चौथी रेलवे लाइन तथा विल्लुपुरम- कुड्डालोर- मयिलादुथुरई- तंजावुर और मयिलादुथुरई- थिरुवरुर में सिंगल लाइन रेलवे खंड के विद्युतीकरण का उद्घाटन किया।
  • उन्होंने 636 किमी. ‘ग्रैंड एनीकट नहर प्रणाली’ (Grand Anicut Canal System) के विस्तार, नवीनीकरण और आधुनिकीकरण की आधारशिला भी रखी। इस नहर का आधुनिकीकरण 2,640 करोड़ रुपये की लागत से होगा, जिससे नहरों में जल वहन करने की क्षमता बढ़ेगी।
  • उन्होंने आईआईटी मद्रास के ‘डिस्कवरी कैंपस’ की आधारशिला भी रखी। 1000 करोड़ रुपये की लागत वाला यह कैंपस चेन्नई के पास थय्युर में बनाया जाएगा।
  • केंद्र सरकार ने ‘देवेंद्र कुला वेल्लालर समुदाय’ (Devendra kula Vellalar community) की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को स्वीकार कर लिया है कि उन्हें संविधान की अनुसूची में सूचीबद्ध छ: से सात नामों से नहीं बल्कि उनके पारंपरिक नाम ‘देवेंद्र कुला वेल्लालर’ से ही जाना जाए।

स्मार्ट ब्लैक बोर्ड योजना


  • राज्य सरकार ने अक्टूबर 2020 में बेहतरीन शिक्षण माहौल सुनिश्चित करने के लिए 80 हजार सरकारी स्कूलों में स्मार्ट ब्लैक बोर्ड योजना लागू की है।
  • यह योजना पेन ड्राइव से कक्षाओं में कंप्यूटर स्क्रीन का उपयोग करके ऑडियो विजुअल शिक्षण सामग्री के माध्यम से चलायी जाएगी। केन्द्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की स्मार्ट क्लास रूम योजना राज्य के 7500 स्कूलों में लागू की जा रही है।

तमिलनाडु की इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर विनिर्माण नीति -2020


तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने 7 सितंबर, 2020 को राज्य की इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर विनिर्माण नीति -2020 जारी की।

  • 2025 तक 100 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के विनिर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
  • इसमें यह लक्ष्‍य भी रखा गया है कि देश के कुल इलेक्‍ट्रॉनिक हार्डवेयर निर्यात में तमिलनाडु की हिस्‍सेदारी एक चौथाई हो।
  • इसका उद्देश्य राज्य में अर्धचालक निर्माण इकाइयों को आकर्षित करना है।
  • नई नीति में मोबाइल फोन, एलईडी, मुद्रित सर्किट बोर्ड, सौर फोटोवोल्टिक सेल और मेडिकल और ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा।

कोविड-19 पर बीसीजी के प्रभाव के अध्ययन हेतु मंजूरी


तमिलनाडु सरकार ने 15 जुलाई, 2020 को कोविड-19 की तीव्रता को कम करने में बीसीजी के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग व्यक्तियों में बीसीजी के टीके के परीक्षण को मंजूरी दी है।

  • इस अध्ययन का समन्वय चेन्नई स्थित ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन ट्यूबरकुलोसिस’ द्वारा किया जाएगा।

  • बीसीजी वैक्सीन मूल रूप से शिशुओं के लिए है। इसका उद्देश्य तपेदिक पैदा करने वाले बैक्टीरिया को दूर करना है।

  • हालांकि, कुछ प्रारंभिक अध्ययनों के अंतिम परिणामों से पता चलता है कि अपने बच्चों को बीसीजी टीकाकरण करने वाले देशों को कोविड-19 महामारी से निपटने में दूसरे देशों की तुलना में अधिक लाभ हुआ है।