अर्जुन सहायक परियोजना


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 11 मार्च, 2021 को अर्जुन सहायक परियोजना (Arjuna Sahayak Project) के शुभारंभ की घोषणा की गई। उन्होंने महोबा जिले में अर्जुन सहायक परियोजना के तहत लहचूरा बांध के निरीक्षण करते समय इसकी घोषणा की थी।

  • यह 2,600 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजना है। यह धसान नदी पर बनाई जा ही है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा और हमीरपुर के 168 गांवों में 1.5 लाख किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करेगी।
  • इस परियोजना के पूरा होने के बाद, लगभग चार लाख लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। इस परियोजना के तहत 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • धसान नदी बेतवा नदी की एक दाहिनी किनारे की सहायक नदी है। यह मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में बेगमगंज तहसील से निकलती है। इस नदी की लंबाई 365 किमी. है। इस नदी को प्राचीन काल में दशार्ण के नाम से भी जाना जाता था।

काला नमक चावल महोत्सव


उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘झाँसी में स्ट्रॉबेरी महोत्सव’ और ‘लखनऊ में गुड़ महोत्सव’ की शानदार सफलता के बाद 13 से 15 मार्च, 2021 तक सिद्धार्थ नगर जिले में तीन दिवसीय ‘काला नमक चावल महोत्सव’ (Kalanamak Rice Festival) का आयोजन किया।

  • इस चावल महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान के तहत चयनित उत्पादों को ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के रूप में बढ़ावा देने के लिए किया गया।
  • ‘काला नमक चावल’ इस क्षेत्र में उगाया जाता है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों का ‘एक जिला एक उत्पाद’ है।
  • यह उच्च गुणवत्तायुक्त चावल की किस्म है। इसकी भूसी काले रंग की होती है, इसलिये इसका नाम ‘काला नमक चावल’ पड़ा।
  • इस चावल को ‘बुद्ध का महाप्रसाद’ भी कहा जाता है। यह न केवल सिद्धार्थनगर में उगाया जाता है, बल्कि समान कृषि जलवायु वाले क्षेत्रों गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती में भी उगाया जाता है।

जेवर हवाई अड्डे को एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की योजना


उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर हवाई अड्डे को छ: रनवे के साथ एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की की योजना बनाई है।

  • राज्य सरकार ने 2021-22 के बजट में जेवर हवाई अड्डे के लिए 2,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हैं।
  • राज्य सरकार ने जेवर हवाई अड्डे के रनवे की संख्या बढ़ाकर छ: कर दी है, जो पहले से दो प्रस्तावित थी।
  • जेवर हवाई अड्डा (आधिकारिक तौर पर नोएडा अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा), उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में जेवर कस्बे के पास प्रस्तावित एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को जेवर हवाई अड्डे की कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है।
  • अयोध्या में निर्माणाधीन हवाई अड्डे का नाम 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम हवाई अड्डा' होगा। बजट में इसके लिए 101 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अयोध्या हवाई अड्डे को भी बाद में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाया जाएगा।

महाराजा सुहेलदेव स्मारक


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 16 फरवरी, 2021 को उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महाराजा सुहेलदेव स्मारक और चित्तौरा झील के विकास कार्यों की आधारशिला रखी।

  • सुहेलदेव श्रावस्ती (वर्तमान उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश में) के एक प्रसिद्ध राजा थे।
  • सुहेलदेव को सन 1033 में बहराइच में चितौरा झील के तट पर हुए एक प्रसिद्ध युद्ध में महमूद गजनी के भतीजे और गजनवी जनरल गाजी सैय्यद सालार मसूद को हराने और मारने के लिए जाना जाता है।
  • 17वीं शताब्दी के फारसी-भाषा के ऐतिहासिक वृत्तांत ‘मिरात-ए-मसुदी' (Mirat-i-Masudi) में राजा सुहेलदेव का उल्लेख हुआ था।
  • ‘मिरात-ए-मसुदी’ सालार मसूद की जीवनी है, जो मुगल सम्राट जहांगीर (1605-1627) के शासनकाल के दौरान अब्द-उर-रहमान चिश्ती द्वारा लिखी गई थी।
  • किंवदंती के अनुसार, सुहलदेव, श्रावस्ती के राजा मोरध्वज के सबसे बड़े पुत्र थे। राजभर समुदाय के सदस्य सुहेलदेव को अपना नायक मानते हैं।
  • चितौरा झील के तट पर महाराजा जनक के गुरु महर्षि अष्टावक्र का आश्रम था, जिस कारण इसे ‘अष्टावक्र झील’ भी कहा जाता है।

कानपुर में स्थापित होगा भारत का पहला चमड़ा पार्क


उत्तर प्रदेश सरकार कानपुर जिले में देश का पहला चमड़ा पार्क स्थापित करेगी।

  • यह परियोजना कानपुर जिले के रमईपुर गाँव में स्थापित की जाएगी। चमड़ा पार्क में 20 मिलियन लीटर प्रतिदिन की क्षमता का एक अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र होगा ताकि यह गंगा नदी को प्रदूषित न करे।
  • चमड़ा पार्क की स्थापना से कानपुर शहर देश के 10 बड़े चमड़ा विनिर्माण राज्यों के बीच अपनी स्थिति को मजबूत करने में सक्षम होगा।
  • 150 से अधिक चर्मशोधनशाला (tanneries) के यहां काम करने की संभावना है, जिससे चमड़े से बने जूते, पर्स, जैकेट से लेकर अन्य विश्वस्तरीय उत्पाद तैयार करके उनका निर्यात किया जा सकेगा।
  • पार्क से प्रत्यक्ष रूप से 50 हजार लोगों को और 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों को परोक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।

थारू जनजाति की अनूठी संस्कृति के लिए योजना


उत्तर प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2020 में ‘थारू जनजाति’ की अनूठी संस्कृति के लिए एक योजना शुरू की है।

उद्देश्य: थारू जनजातीय गांवों को पर्यटन मानचित्र पर लाना, रोजगार सृजन करना और क्षेत्र में जनजातीय आबादी को आर्थिक स्वतंत्रता प्रदान करना।

  • उत्तर प्रदेश सरकार नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले जिलों बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर और पीलीभीत में स्थित थारू जनजातीय लोगों के गाँवों को उत्तर प्रदेश वन विभाग की ‘होमस्टे योजना’ से जोड़ने की योजना बना रही है।
  • इसके तहत पर्यटकों को थारू जनजातीय लोगों के प्राकृतिक आवास (पारंपरिक झोपड़ियों) में रहने का अनुभव प्रदान किया जाएगा। ये झोपड़ियाँ जंगल से एकत्रित घास से बनाई जाती हैं।
  • थारू जनजातीय लोग पर्यटकों को घर के भोजन और आवास के लिए उनसे शुल्क प्राप्त करेंगे। इस योजना के तहत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की भागीदारी अपेक्षित है।

थारू जनजाति: यह जनजाति शिवालिक या निचले हिमालय में स्थित तराई क्षेत्रों से संबंधित हैं। इनमें से ज्यादातर वनवासी हैं, और कुछ कृषि कार्य करते हैं। हैं। थारू शब्द का अर्थ है ‘थेरवाद बौद्ध धर्म के अनुयायी’।

  • थारू जनजातीय लोग नेपाल और भारत दोनों देशों में निवास करते हैं। भारत में थारू जनजाति के लोग बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में रहते हैं। ये थारू भाषा बोलते हैं, जो इंडो-आर्यन उपसमूह और उर्दू, हिंदी और अवधी से ही संबंधित हैं।

‘वरासत’ अभियान


उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर, 2020 को ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति और जमीन से जुड़े विवादों पर काबू पाने के लिए एक विशेष अभियान ‘वरासत’ शुरू किया है।

उद्देश्य: जमीन और संपत्ति की ‘वरासत’ के नाम पर ग्रामीण लोगों के शोषण को रोकना।

  • प्रदेश में निर्विवाद उत्तराधिकार को खतौनियों में दर्ज कराने के लिए प्रदेश के समस्त ग्रामों में यह अभियान शुरू किया गया है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के लिए यह अपनी तरह का पहला अभियान है।
  • व्यवस्था के तहत लोगों को 'वरासत' के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं मिलेंगी।
  • यह विशेष अभियान 15 फरवरी, 2021 तक संचालित किया जाएगा ।

लखनऊ नगर निगम का नगरपालिका बॉन्ड्स


लखनऊ नगर निगम की ओर से जारी किये गए 200 करोड़ रुपये मूल्य वाले नगरपालिका बॉन्ड्स को 2 दिसंबर, 2020 को बीएसई में सूचीबद्ध किया गया।

  • इसके साथ ही लखनऊ देश में नगरपालिका बॉन्ड्स जारी करने वाला 9वां शहर बन गया है।
  • इसे भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने अमृत मिशन (अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) के तहत प्रोत्साहन दिया है।
  • इन बॉन्ड के जारी होने से लखनऊ नगर निगम को अपने ब्याज भार में सब्सिडी देने के लिए 26 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी। यह अग्रिम प्रोत्साहन राशि नगर निगम पर ब्याज के बोझ को 2% तक कम करने के समान है।
  • लखनऊ नगर निगम ने 13 नवम्बर, 2020 को अपना पहला नगरपालिका बॉन्ड सफलतापूर्वक जारी किया था।

उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020


  • 24 नवंबर, 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020’ को मंजूरी दी गई।
  • शादी करने के लिए बलपूर्वक या धोखा देकर अथवा दबाव डालकर कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन के मामलों पर अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान।
  • अगर कोई व्यक्ति यह साबित नहीं कर पाता है कि महिला का धर्म परिवर्तन किसी दबाव, धोखे या लालच में या महज शादी करने के लिए नहीं कराया गया है, तो उसे 15 हजार रुपए के जुर्माने के साथ 1 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान।
  • अगर महिला अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समाज से है, तो ऐसी दशा में कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल तक की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान।
  • सामूहिक तौर पर धर्म परिवर्तन कराये जाने के मामले में भी कम से कम 3 साल और अधिकतम 10 साल तक की सजा और 50 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान।
  • धर्म परिवर्तन के इच्छुक होने पर जिला मजिस्ट्रेट को 2 माह पूर्व सूचना देनी होगी। उल्लंघन किए जाने पर कम से कम 6 माह और अधिकतम 3 साल तक की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान

विंध्‍याचल क्षेत्र में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजना


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 नवंबर, 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उत्तर प्रदेश के विंध्याचल क्षेत्र के मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

  • जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनसे 2995 गांवों के सभी घरों में जल-नल कनेक्शन पहुंचेंगे और इनसे जिलों की करीब 42 लाख की आबादी को लाभ होगा।
  • इन सभी गांवों में ग्रामीण जल एवं स्वच्छता समितियों/पानी समितियों का गठन किया गया है, जो इसके परिचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगी।
  • इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 5,555.38 करोड़ रुपए है। परियोजनाओं को 24 महीनों में पूरा करने की योजना है।

उत्तर प्रदेश के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में स्थापित होगा महिला हेल्प डेस्क


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अक्टूबर, 2020 को राज्य के प्रत्येक पुलिस स्टेशन में महिला हेल्प डेस्क स्थापित करने का आदेश दिया है। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दिया है।

  • आमतौर पर महिलाएं पुलिस स्टेशन में पुरुष पुलिस के साथ अपनी शिकायतें दर्ज करने में संकोच करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
  • हेल्पडेस्क पर प्रतिनियुक्त महिला पुलिस कर्मी न केवल महिलाओं की शिकायतें सुनेंगी, बल्कि कभी भी उनकी मदद के लिए तैयार रहेंगी।
  • सरकार ने इससे पहले लखनऊ के विभिन्न चौराहों पर गुलाबी बूथ स्थापित किए हैं। राज्य की राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न बड़े शहरों में प्रमुख क्रॉसिंग पर महिला पुलिस भी तैनात किए गए हैं।
  • इसमें कार्यस्थल से देर रात लौटने वाली महिलाओं को उनके घरों तक छोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक विशेष सुरक्षा बल गठित करने का निर्णय


उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 सितंबर, 2020 को एक विशेष सुरक्षा बल गठित करने का निर्णय लिया है।

  • यह उच्च न्यायालय, जिला अदालतों, प्रशासनिक कार्यालयों और भवनों, मेट्रो रेल, हवाई अड्डों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा प्रदान करेगा।
  • इस विशेष बल में 9,919 कर्मी होंगे। पहले चरण में पांच बटालियन का गठन किया जाएगा और इसकी अध्यक्षता एडीजी-रैंक के अधिकारी करेंगे। पहले चरण में इसमें लगभग 1,747 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • विशेष बल के गठन का प्रस्ताव पिछले साल दिसंबर में अदालत परिसरों में हिंसा की घटनाओं के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर आया था।

उत्तर प्रदेश इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2020


राज्य सरकार ने 18 अगस्त, 2020 को नई इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2020 की घोषणा की।

उद्देश्य: राज्‍य को इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स सामान के उत्‍पादन का नया वैश्विक केन्‍द्र बनाना।

  • अगले 5 वर्षों में 40,000 करोड़ रुपये का निवेश आमंत्रित करने और 4 लाख नौकरियां सृजित करने का लक्ष्‍य रखा गया।
  • निवेशकों को 15% की पूंजीगत सब्सिडी, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 10% की अतिरिक्त पूंजी सब्सिडी तथा अधिसूचित बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से लिए गए ऋण पर 5% वार्षिक ब्याज सब्सिडी का प्रावधान।
  • क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने के लिए, बुंदेलखंड और पूर्वांचल क्षेत्रों में विनिर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए निवेशकों को भूमि की कीमत में दोगुनी सब्सिडी का प्रावधान।
  • वर्ष 2017 में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्‍सप्रेसवे क्षेत्रों के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विनिर्माण नीति-2017 की घोषणा की थी। ये तीनों क्षेत्र इस समय दुनिया में मोबाइल फोन उत्‍पादन के प्रमुख केन्‍द्रों में हैं।

नवीन रोजगार छतरी योजना


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई, 2020 को अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्तियों के सर्वांगीण विकास के लिए नवीन रोजगार छतरी योजनाका शुभारंभ किया।

  • इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के 3,484 लाभार्थियों के खातों में 17 करोड़ 42 लाख रुपये ऑनलाइन हस्तांतरित किए गए। मुख्यमंत्री ने रायबरेली, गोरखपुर, बस्ती, मेरठ, आजमगढ़ और मुरादाबाद के लाभार्थियों से संवाद भी किया। 
  • लाभार्थी इस राशि का उपयोग परचून की दुकान, जनरेटर सेट, लॉन्ड्री व ड्राई क्लीनिंग, साइबर कैफे, टेलरिंग, बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट, टेंट हाउस, गौ-पालन आदि के लिए करेंगे।

गैंगस्टर विकास दुबे मामले हेतु जांच आयोग का पुनर्गठन


21 जुलाई, 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने गैंगस्टर विकास दुबे मुठभेड़ मामले की जांच हेतु आयोग का पुनर्गठन किया है।

  • अब जांच आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी.एस. चौहान करेंगे। साथ ही उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी के. एल. गुप्ता को भी इसमें शामिल किया गया है। जबकि इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शशिकांत अग्रवाल आयोग में बने रहेंगे।
  • आयोग 2 जुलाई और 3 जुलाई की रात को विकास दुबे और उनके सहयोगियों द्वारा कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के अंतर्गत बिकरू गाँव में की गई घटना तथा 10 जुलाई की उस घटना की भी गहराई से जांच करेगा, जिसमें विकास दुबे पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
  • आयोग का मुख्यालय कानपुर में होगा। आयोग दो महीने की अवधि के भीतर अपनी जांच पूरी करेगा।
  • ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकास दुबे मामले की जांच के लिए 12 जुलाई, 2020 को गठित सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शशिकांत अग्रवाल (एकल सदस्यीय) आयोग के स्वरूप में बदलाव करने को कहा था।

उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2020


उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा 8 जुलाई, 2020 को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति, 2020’ को मंजूरी प्रदान की गई।

  • इस नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत प्रदेश को देश के शीर्ष तीन स्टार्टअप अनुकूल राज्यों में शामिल करने, प्रदेश में 100 इन्क्यूबेटर्स (Incubators) तथा राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम एक इन्क्यूबेटर्स की स्थापना, राज्य में कम से कम 10,000 स्टार्टअप की स्थापना के अनुकूल माहौल तैयार करने तथा स्टेट ऑफ आर्ट उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • यह नीति अधिसूचना की तिथि से 5 वर्षों के लिए लागू होगी। इस नीति के तहत भारत के सबसे बड़े इन्क्यूबेटर की स्थापना लखनऊ में की जाएगी।
  • अब तक, स्टार्टअप्स को यूपी सूचना प्रौद्योगिकी और स्टार्ट-अप नीति 2017 के तहत शासित किया गया था, जो मुख्य रूप से आईटी क्षेत्र के लिए केंद्रित था।
  • इस नीति से प्रदेश में लगभग 50,000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एव 1 लाख व्यक्तियों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
  • स्टार्टअप इन्क्यूबेटर्स वे संस्थान है, जो उद्यमियों को शुरुआती चरणों में अपने व्यवसाय को विकसित करने में मदद करते है।

शशिकांत अग्रवाल आयोग


उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 जुलाई, 2020 को गैंगस्टर विकास दुबे मामले की जांच के लिए एकल सदस्यीय आयोग का गठन किया है।

  • आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति शशिकांत अग्रवाल करेंगे और इसका मुख्यालय कानपुर में होगा। आयोग दो महीने की अवधि के भीतर अपनी जांच पूरी करेगा।

  • आयोग 2 जुलाई और 3 जुलाई की रात को विकास दुबे और उनके सहयोगियों द्वारा कानपुर में की गई घटना और 10 जुलाई की उस घटना की भी गहराई से जांच करेगा, जिसमें विकास दुबे पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।