ड्राप आउट की उच्च दर पर एनपीसी रिपोर्ट (2018)

राष्ट्रीय उत्पादक परिषद (NPC) को छात्रों, विशेष रूप से अल्पसंख्यकों में ड्राप आउट की उच्च दर के मामलों का अध्ययन करने के लिए कहा गया था। एनपीसी ने 2018 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। परिषद की कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां और सिफारिशें निम्नलिखित हैं।

प्रमुख तथ्य

अध्ययन के दौरान अल्प स्वास्थ्य और कुपोषण के कारण अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ छात्र अपनी शिक्षा जारी नहीं रख सके।

  • माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तरों पर अल्पसंख्यक समुदायों के कुछ छात्रों ने तकनीकी नौकरियों (जैसे मोटर मैकेनिक, मोटर वाइडिंग, ऑटो मोबाइल की मरम्मत आदि) को सीखने एवं करने के लिए स्कूलों को छोड़ दिया; ताकि वे अपने परिवार के लिए कुछ पैसे कमा सकें।
  • अल्पसंख्यक छात्रों द्वारा शिक्षा को छोड़ने के अन्य प्रमुख कारणों में माता-पिता की गरीबी, माता-पिता की अशिक्षा, मुस्लिम लड़कियों में शीघ्र विवाह और लड़कियों के लिए अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध न होना तथा आजीविका एवं नौकरियों की तलाश में परिवारों को अन्य स्थानों पर जाना आदि को पहचाना गया।

अनुशंसाएं

  • सभी सरकारी स्कूलों में प्रत्येक छात्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच राज्य सरकारों द्वारा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
  • माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर मोटर मैकेनिक, ऑटो मोबाइल की मरम्मत, प्रशीतन आदि व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में प्रवेश किया जाना चाहिए। इससे अल्पसंख्यक समुदायों सहित सभी गरीब छात्रों की ड्रॉप-आउट दर को कम करने में मदद मिलेगी।
  • केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा की गई पहल (जैसे मध्याह्न भोजन योजना, मुफ्त कोचिंग, बच्चों के लिए मुफ्त किताबें, छात्रवृत्ति आदि) छात्रों की उच्च ड्रॉप-आउट दर को कम करने में बहुत सकारात्मक भूमिका निभाई है। इन योजनाओं को और मजबूत किया जाना चाहिए।
  • सहभागी दृष्टिकोण सहित समेकित प्रयास करने की आवश्यकता है, जिसमें नीति निर्माताओं, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों को शामिल करने की जरूरत है, जो अल्पसंख्यक समुदायों के बीच सभी स्तरों पर ड्रॉप-आउट दरों को कम कर सकते हैं।