जूट उद्योग के विकास एवं संवर्धान पर रिपोर्ट
श्रम, वस्त्र एवं कौशल विकास संबंधी संसद की स्थायी समिति ने 7 फरवरी, 2024 को ‘जूट उद्योग के विकास एवं संवर्धन’ (Development and Promotion of Jute Industry) पर अपनी 53वीं रिपोर्ट संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की।
- रिपोर्ट में बताया गया है कि जूट मिलें प्रसंस्करण के बाद अपने विक्रय मूल्य से अधिक कीमत पर कच्चे जूट की खरीद करती हैं।
- ऐसा इसलिए है क्योंकि किसान अक्सर मिल स्थानों से दूर स्थित होते हैं तथा लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण मिलें सीधे किसानों से कच्चा माल नहीं लेती हैं। इसके अतिरिक्त, खरीद प्रक्रिया में बिचौलिये या व्यापारी शामिल होते हैं, जिससे लागत ....
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