बाथौवाद धर्म
हाल ही में, असम में बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (BTR) की सरकार ने बाथौवाद (Bathouism) धर्म को आधिकारिक रुप से मान्यता प्रदान की, सरकार का यह कदम प्रकृति-आधारित आस्थाओं के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- संबंधित समुदायः यह बोडो समुदाय का एक लोक-धर्म है।
- सर्वोच्च देवताः बथौवराई या सिबराई।
- बाथौ का अर्थः बोडो भाषा में ‘बा’ का अर्थ पांच और ‘थौ’ का अर्थ गहन दार्शनिक विचार है।
- आस्था का आधारः इस धर्म की आस्था 5 तत्त्वों पर आधारित है, जो हैं- बार (वायु), सान (सूर्य), हा (पृथ्वी), ओर (अग्नि) तथा ओखरंग (आकाश)।
- प्राकृतिक आधारः यह धर्म सिजौ पौधे (यूफोरबिया स्प्लेंडेंस) पर ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी

