'विकसित भारत' की परिकल्पना
- देश की सौर ऊर्जा क्षमता 94.17 गीगावॉट तक पहुंच गई है, जबकि पवन ऊर्जा क्षमता 47.96 गीगावॉट है।
- पंचामृत एक पांच सूत्री योजना है, जिसका लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता को 500 गीगावॉट तक बढ़ाना है।
- इसके अतिरिक्त वर्ष 2030 तक अक्षय ऊर्जा के माध्यम से देश की ऊर्जा आवश्यकताओं का 50% पूरा करना तथा कार्बन उत्सर्जन को 1 बिलियन टन तक कम करना है। साथ ही 2030 तक अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता को 45% से कम करना भी इसके लक्ष्य हैं।
- भारत का ध्यान 2047 तक ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने और 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य ....
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संबंधित सामग्री
पत्रिका सार
- 1 पीएम-कुसुम: सौर ऊर्जा समाधानों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाना
- 2 राष्ट्रीय सौर मिशन: प्रगति, चुनौतियां एवं नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य
- 3 प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार (पीएटी) योजना
- 4 स्मार्ट सिटीज मिशन और शहरी विकास में ऊर्जा दक्षता की भूमिका
- 5 ग्रामीण भारत में अक्षय ऊर्जा की संभाव्यता, अवसर और चुनौतियां
- 6 ग्रीन हाइड्रोजन: ऊर्जा क्षेत्र में भारत का भविष्य
- 7 सुशासन का नया आधार बना 'प्रगति'
- 8 फलों पर आधारित कृषि प्रणाली
- 9 मधुमक्खी पालन बागवानी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में उपयोगी
- 10 स्वच्छ पौध कार्यक्रम : बागवानी में एक क्रांतिकारी कदम
- 11 बागवानी फसलों का खाद्य प्रसंस्करण
- 12 पोषण और सुरक्षा के लिए बागवानी
- 13 किसानों की समृद्धि और आजीविका सुरक्षा के लिए बागवानी
- 14 स्पैडेक्स मिशन : अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की नई उड़ान
- 15 रमन प्रभाव एक युगांतरकारी खोज
- 16 ब्रह्मोस मिसाइल: भारत का अचूक ब्रह्मास्त्र
- 17 खाद्य शृंखला एवं पर्यावरण
- 18 अन्वेषण और वैज्ञानिक सोच का उत्सव: राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस
- 19 प्रदूषण का घूंट: विषैली सहूलियत

