गुजरात की घरचोला साड़ियां
हाल ही में,गुजरात की सांस्कृतिक हस्तशिल्प विरासत घरचोला को भौगोलिक संकेत(GI) टैग प्रदान किया गया है।
- इसे घाटचोला और घरचोलू के नाम से भी जाना जाता है, जिसमें गुजरात का बेहतरीन बांधनी काम होता है इसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से गुजराती शादियों में किया जाता रहा है।
- 'घरचोला' नाम का मतलब है 'घर के लिए पोशाक', जो एक नवविवाहित दुल्हन के अपने नए घर में शामिल होने का प्रतीक है।
- इसका निर्माण रेशम और ज़री के धागों का उपयोग करके सूती या रेशमी कपड़े पर बड़े चेक में बुनाई करके किया जाता है।
- फिर इसे बांधनी या टाई एंड डाई तकनीक से रंगा जाता ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चपचार कुट
- 2 श्री श्री हरिचंद ठाकुर
- 3 गुरु अंगद देव जी का ज्योति-ज्योत दिवस
- 4 पाणिनि: संस्कृत व्याकरण के मनीषी
- 5 ट्राइब्स आर्ट फेस्ट, 2026
- 6 मासी मगम: तमिल परंपरा का पवित्र उत्सव
- 7 कुरुंबा चित्रकला: नीलगिरि की प्राचीन जनजातीय कला
- 8 गजपति अभिलेख: गुंटूर में ऐतिहासिक खोज
- 9 तमिलनाडु में 8 पुरातात्विक स्थलों पर उत्खनन को ASI की मंजूरी
- 10 केरल में मेगालिथिक लैटराइट शैल-कृत कक्ष की खोज

