क्वांटम प्रौद्योगिकी भारत की प्रगति, लाभ एवं चुनौतियां
13 दिसंबर, 2024 को राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, भारत अगले 2-3 वर्षों में एक क्वांटम सैटेलाइट लॉन्च करने की योजना बना रहा है।
- इसके अलावा, हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के सहयोग से क्वांटम तकनीक से संबंधित स्नातक स्तर पर एक समर्पित पाठ्यक्रम की घोषणा की है। इसे राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के हिस्से के रूप में शुरू किया गया है।
- क्वांटम प्रौद्योगिकी (Quantum Technology) आधुनिक विज्ञान का एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जो क्वांटम यांत्रिकी (Quantum Mechanics) के सिद्धांतों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां

