हिमालय के भूकंपीय क्षेत्रों का मानचित्रण
हाल ही में, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, निसार उपग्रह द्वारा हिमालय में सबसे अधिक भूकंप-प्रवण क्षेत्रों (Earthquake-Prone Regions) का मानचित्रण किया जाएगा। इस प्रकार से उत्पन्न डेटा से भूमि के धंसने की अग्रिम चेतावनी प्रदान की जा सकती है।
मुख्य बिंदु
- हिमालय की अवस्थिति: हिमालय, भारतीय विवर्तनिक प्लेट और यूरेशियाई विवर्तनिक प्लेट के मिलन स्थल पर स्थित है।
- तीव्रता का अध्ययन: हिमालय में आए, पिछले भूकंपों की तीव्रता (intensity) के आधार पर, इस क्षेत्र में अवस्थित भूगर्भीय पृथ्वी की प्लेटों की गति का अध्ययन किया जाएगा।
- प्लेटों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 संकेतक प्रजाति के रूप में एम्परर पेंगुइन
- 2 हिमालयी ग्रिफ़ॉन गिद्धों की सामूहिक मृत्यु
- 3 भूजल में आर्सेनिक एवं फ्लोराइड प्रदूषण: NGT के निर्देश
- 4 गोरखपुर का AI-आधारित शहरी बाढ़ प्रबंधन प्रकोष्ठ
- 5 चक्रवातों को अधिक विनाशकारी बना रही हैं समुद्री हीटवेव
- 6 जलवायु चरम घटनाओं से 2085 तक 36% भूमि कशेरुकी संकट में
- 7 2100 तक भारत के वनों में कार्बन भंडारण दोगुना होने की संभावना
- 8 भारत ने COP33 की मेजबानी की दावेदारी वापस ली
- 9 भारत ने पवन ऊर्जा क्षमता वृद्धि का नया रिकॉर्ड बनाया
- 10 ब्लाइंड सबटेरेनियन मछली की नई प्रजाति की खोज

