'दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016'
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में 'दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016' (RPwD Act, 2016) के अपर्याप्त कार्यान्वयन पर निराशा व्यक्त की।
- यह देखते हुए कि RPwD Act का कार्यान्वयन 'निराशाजनक' स्थिति में है, न्यायालय ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को विस्तृत तौर पर विचार करने तथा न्यायालय को अपडेट प्रदान करने का निर्देश दिया।
- अधिनियम की धारा 79 के तहत आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, त्रिपुरा, यूपी और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप और चंडीगढ़ जैसे राज्यों ने आयुक्त नियुक्त नहीं किए हैं।
- इसी प्रकार, कुछ राज्यों ने धारा 88 (दिव्यांग व्यक्तियों के लिए राज्य निधि) के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना

