भारत की साइबर प्रतिरोधक क्षमता का सुदृढ़ीकरण एक राष्ट्रीय सुरक्षा अनिवार्यता - संपादकीय डेस्क
साइबर ख़तरों की बढ़ती चुनौती ने साइबर प्रतिरोधक क्षमता (Cyber Resilience) को राष्ट्रीय सुरक्षा की एक अनिवार्य और सर्वोच्च प्राथमिकता बना दिया है। एक सशक्त साइबर पारिस्थितिक तंत्र यह सुनिश्चित करता है कि राष्ट्र अपनी डिजिटल अवसंरचना, डेटा संप्रभुता एवं नागरिकों के विश्वास की रक्षा करते हुए; न केवल साइबर हमलों का पूर्वानुमान और प्रतिरोध कर सकें, बल्कि उनसे शीघ्रता से उबर भी सके। भारत की साइबर प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूती देना केवल एक तकनीकी आवश्यकता नहीं, बल्कि एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और डिजिटल रूप से समर्थ राष्ट्र की मजबूत नींव का आधार है।
7 अप्रैल, 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी ....
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