कन्नडिप्पया जनजातीय शिल्प को GI टैग
हाल ही में केरल के एक अनोखे आदिवासी हस्तशिल्प 'कन्नडिप्पया' (Kannadippaya) को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्रदान किया गया है।
- इस मान्यता के साथ कन्नडिप्पया केरल का पहला आदिवासी हस्तशिल्प उत्पाद बन गया है, जिसे जीआई टैग मिला है।
- यह एक हस्तनिर्मित चटाई है, जिसे इसकी अद्वितीय परावर्तक बनावट के कारण "दर्पण चटाई" (Mirror Mat) कहा जाता है।
मुख्य विशेषताएँ
- यह चटाई रीड बांस (Reed Bamboo) की नरम भीतरी परतों से बनाई जाती है।
- यह पूरी तरह से इको-फ्रेंडली और बायोडिग्रेडेबल है, जो इसे वैश्विक स्थिरता के अनुरूप बनाता है।
उत्पत्ति और निर्माण
- इसे इडुक्की, त्रिशूर, एर्नाकुलम और पलक्कड़ जिलों के ओराली, ....
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