जीन में अति-संरक्षित तत्व (UCEs): लाखों वर्षों से बिना बदलाव के संरक्षित
हाल ही में EMBO जर्नल में प्रकाशित एक खोज के अनुसार, शोधकर्ताओं ने जीनोम में अति-संरक्षित तत्वों [Ultra-Conserved Elements (UCEs)] से संबंधित महत्त्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है।
अति-संरक्षित तत्वों (UCEs)
- लगभग 80 मिलियन वर्ष पूर्व मनुष्य और चूहे का एक समान स्तनधारी पूर्वज (mammalian ancestor) था।
- शोधकर्ताओं ने यह खोज की है कि आज भी हमारे जीनोम (genome) में लगभग 500 ऐसे खंड मौजूद हैं जो तब से अब तक पूरी तरह अपरिवर्तित बने हुए हैं। इन खंडों को अति-संरक्षित तत्व (Ultra-Conserved Elements - UCEs) कहा जाता है।
- यह किसी विशेष जैविक प्रक्रिया के कारण इतने लंबे समय तक अपरिवर्तित बने रहे ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 क्यासानूर वन रोग (KFD) हेतु ICMR का स्वदेशी टीका
- 2 अतिद्रव–अतिठोस अवस्था संक्रमण का प्रथम प्रत्यक्ष अवलोकन
- 3 इन्फ्लुएंजा संक्रमण का हृदय क्षति से संबंध
- 4 सी-डॉट–सिनर्जी क्वांटम समझौता
- 5 भारतीय नौसेना ने ‘कम्बाइंड टास्क फोर्स 154’ की कमान संभाली
- 6 नॉवेल ओरल पोलियो वैक्सीन टाइप–2 (nOPV2)
- 7 चंद्रयान–4 मिशन के लिए लैंडिंग स्थल की पहचान
- 8 ओपन-सोर्स, एंड-टू-एंड वॉयस एआई स्टैक का अनावरण
- 9 शालीमार व्हीट-4 और शालीमार व्हीट-3
- 10 बायो-एआई “मूलांकुर” हब
- 1 इसरो द्वारा सेमी-क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण
- 2 फायरफ्लाई का ब्लू घोस्ट
- 3 नासा का PUNCH मिशन और सौर चक्र
- 4 मेपल सिरप मूत्र रोग के लिए जीन थेरेपी
- 5 जीन-संपादित केले
- 6 हाइड्रोजन-संचालित फ्यूल सेल
- 7 AI इकोसिस्टम को बढ़ावा देने हेतु MeitY की प्रमुख पहलें
- 8 विक्रम एवं कल्पना: इसरो के हाई-स्पीड माइक्रोप्रोसेसर
- 9 बोस धातु

