साइबर हमलों पर CERT-In की रिपोर्ट

हाल ही में इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पोंस टीम (CERT-In) ने देश में साइबर हमलों पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत की आधिकारिक वेबसाइटों पर सबसे अधिक साइबर हमले चीन, अमेरिका और रूस में हुए हैं। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी भेजी गई है। इसने अप्रैल-जून 2018 के बीच के साइबर हमलों का विश्लेषण किया है।

CERT-In

CERT-In (The Indian Computer Emergency Response Team) सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (साइबर) सुरक्षा के लिए एक नोडल एजेंसी है। सीईआरटी-इन वर्ष 2004 में भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा स्थापित किया गया था और इसी विभाग के तत्त्वावधान में संचालित होता है।

सीईआरटी-इन नोडल एजेंसी है, जो हैकिंग और फिशिंग जैसे साइबर सुरक्षा खतरों से संबंधित है। यह साइबर घटनाओं पर जानकारी एकत्रित कर विश्लेषण प्रसारित करता है और साइबर सुरक्षा घटनाओं पर अलर्ट जारी करता है।

CERT-In का उद्देश्य

सीईआरटी-इन का उद्देश्य कंप्यूटर सुरक्षा संबंधी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना, संवेदनशीलता पर रिपोर्ट करना और पूरे देश में प्रभावी आईटी सुरक्षा संबंधी कार्यों को बढ़ावा देना है। सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2008 के प्रावधानों के मुताबिक, CERT-In इस अधिनियम के प्रशासन की देखरेख करने के लिए जिम्मेदार है।

मुख्य तथ्य

  • इस रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ‘भारतीय साइबर स्पेस’ में महत्वपूर्ण तरीके से घुसपैठ कर रहा है। भारत के आधिकारिक वेबसाइटों पर साइबर हमलों की कुल संख्या में 35% चीन के द्वारा किया गया है। इसके बाद अमेरिका (17%), रूस (15%), पाकिस्तान (9%), कनाडा (7%) और जर्मनी (5%) द्वारा साइबर हमला किया गया।
  • वे मैलवेयर (Mal Waver) युक्त फिशिंग ईमेल भेजकर अपना लक्ष्य पूरा करते हैं। फिशिंग हमले आमतौर पर एक विश्वसनीय स्रोत से ईमेल के रूप में होते हैं, जहां वे व्यक्तिगत विवरण जैसे बैंक विवरण, अन्य व्यक्तिगत विवरण तथा पासवर्ड आदि पूछते हैं।