देवनीमोरी अवशेष
11 फ़रवरी, 2026 को भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष श्रीलंका के कोलंबो स्थित गंगारामाया मंदिर में एक सप्ताह तक चले सार्वजनिक प्रदर्शनी के पश्चात भारत लौट आए।
- यह पहली बार था जब इन पवित्र अवशेषों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया गया।
देवनीमोरी अवशेष : एक परिचय
- उद्गम स्थल: ये अवशेष गुजरात के अरावली ज़िले में श्यामलाजी के निकट स्थित देवनीमोरी पुरातात्त्विक स्थल से प्राप्त हुए थे।
- उत्खनन का इतिहास: इस स्थल का वैज्ञानिक उत्खनन सर्वप्रथम वर्ष 1957 में प्रो. एस. एन. चौधरी द्वारा किया गया था।
देवनीमोरी में प्राप्त प्रमुख पुरातात्त्विक खोजें
- अवशेष ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
इतिहास व कला एवं संस्कृति
- 1 भारत की कठपुतलियों पर स्मारक डाक टिकट
- 2 ओल चिकी लिपि के 100 वर्ष
- 3 रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह की 80वीं वर्षगांठ
- 4 नानेघाट गुफाएं
- 5 चेन्नाकेशव मंदिर
- 6 लोसर उत्सव
- 7 महर्षि दयानंद सरस्वती
- 8 खुला (Khula)
- 9 हेरथ पोश्ते : कश्मीरी पंडितों की आस्था और परंपरा का उत्सव
- 10 थाई पूसम
- 11 मिस्र में तमिल-ब्राह्मी अभिलेखों की खोज

