विकसित भारत और नेट जीरो की ओर परिदृश्य

10 फरवरी, 2026 को नीति आयोग ने ‘विकसित भारत और नेट जीरो की ओर परिदृश्य: ऊर्जा परिवर्तन के सामाजिक निहितार्थ’ शीर्षक से एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की।

  • इस रिपोर्ट में निम्न-कार्बन विकास को केवल पर्यावरणीय आवश्यकता के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक पुनर्संरचना के एक परिवर्तनकारी अवसर के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसमें तकनीकी नवाचार को समानतापूर्ण विकास परिणामों के साथ जोड़ा गया है।

प्रमुख बिंदु

भूमि एवं जल की आवश्यकताएँ

  • वर्तमान नीतिगत परिदृश्य के अंतर्गत 2070 तक ऊर्जा उत्पादन और हरित हाइड्रोजन के लिए आवश्यक भूमि 6 गुना बढ़कर 4.2 मिलियन ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री