बीटी कपास की अगली पीढ़ी के प्रवेश में विलंब
हाल ही में तीन राज्यों- गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना ने एक नए प्रकार के ट्रांसजेनिक कपास बीज का परीक्षण करने के लिए केंद्र की जेनेटिक इंजीनियरिंग मूल्यांकन समिति (GEAC) द्वारा अनुमोदित एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके कारण भारत में ट्रांसजेनिक कपास के बीज की अगली पीढ़ी के प्रवेश में देरी हो सकती है।
- बीटी (Bacillus thuringiensis) कपास की एक संकर/किस्म है। इसमें ‘crylAc’ और ‘crylAb’ नामक जीन मौजूद होते हैं।
- ये जीन मृदा में पाए जाने वाले बैक्टीरियम बैसिलस थुरिंजिनिसिस (Bt) से अलग किए जाते हैं, फिर विषाक्त प्रोटीन के रूप में उनकी कोडिंग की जाती है, जिससे ये ....
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