स्कूली पाठ्यपुस्तकों में 'इंडिया' के स्थान पर 'भारत' करने की सिफारिश
सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम को संशोधित करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में देश का नाम "इंडिया" से बदलकर "भारत" करने की सिफ़ारिश की है।
- उल्लेखनीय है कि भारतीय संविधान में भारत एवं इंडिया दोनों शब्दों का उल्लेख किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत, अर्थात इंडिया, राज्यों का एक संघ होगा (India, that is Bharat, shall be a Union of States)।
समिति के बारे में
- भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (ICHR) के सदस्य, पद्म श्री पुरस्कार विजेता एवं इतिहास के एक सेवानिवृत्त प्रोफेसर सी.आई. इसाक इसके ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रायसीना विज्ञान कूटनीति पहल
- 2 रायसीना डायलॉग, 2026
- 3 राष्ट्रीय दंत आयोग (NDC) का गठन
- 4 दत्तक माताओं को मातृत्व अवकाश का अधिकार: सर्वोच्च न्यायालय
- 5 SC का दर्जा हिंदू, सिख और बौद्ध तक सीमित: सर्वोच्च न्यायालय
- 6 पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल
- 7 ग्राम पंचायतों के लिए क्षमता-निर्माण श्रृंखला
- 8 पीएम-पोषण
- 9 राष्ट्रीय कर्मयोगी वृहद् जन सेवा कार्यक्रम
- 10 पीएम–सूरज पोर्टल

