आतंकवाद वित्तपोषण के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय से जुड़ा ईरान
- ईरान ने हाल ही में आतंकवाद वित्तपोषण के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय (United Nations Convention against Terror Financing) में शामिल होने से संबंधित एक कानून को अनुमोदित किया है।
- ईरान को आशा है कि इस कदम से उसे वैश्विक बैंकिंग तक पहुँच, व्यापार में सहजता और उसकी प्रतिबंध-प्रभावित अर्थव्यवस्था पर दबाव में कमी मिलेगी।
- आतंकवाद वित्तपोषण के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र अभिसमय, वर्ष 1999 का संयुक्त राष्ट्र संधि-पत्र है। इसका उद्देश्य आतंकवाद के वित्तपोषण को अपराध घोषित करना है।
- इस अभिसमय का लक्ष्य सदस्य राष्ट्रों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करना है, ताकि वे आतंकवाद के वित्तपोषण की रोकथाम के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 भारत–मंगोलिया संबंध: 70 वर्ष की कूटनीतिक यात्रा का नया अध्याय
- 2 भारत–कनाडा : सहयोग के नए रोडमैप के साथ संबंधों का पुनः आरंभ
- 3 भारत-ब्राज़ील: मर्कोसुर ब्लॉक के तहत PTA के विस्तार पर सहमति
- 4 भारत UNHRC में निर्वाचित
- 5 ICAO परिषद में भारत का पुनर्निर्वाचन
- 6 भारत-आसियान: सतत भविष्य के लिए सुदृढ़ होती रणनीतिक साझेदारी
- 7 भारत बना UN-GGIM-AP की क्षेत्रीय समिति का सह-अध्यक्ष
- 8 नेट ज़ीरो बैंकिंग एलायंस (NZBA) का समापन
- 9 अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया महत्वपूर्ण खनिज समझौता
- 10 परस्पर विधिक सहायता संधि (MLAT)
- 11 अधिक वज़न और मोटापे का वैश्विक परिदृश्य
- 12 कोरल ट्राएंगल
- 13 स्प्रैटली द्वीपसमूह
- 14 अरावली सम्मेलन 2025
- 15 भारत COP10 ब्यूरो का उपाध्यक्ष पुनः निर्वाचित
- 16 गज़ा में संघर्षविराम हेतु गज़ा घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर
- 17 नाटो के ईंधन पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़ेगा पोलैंड
- 18 सेविला ऋण फोरम का शुभारंभ
- 19 नया रणनीतिक ईयू–भारत एजेंडा

