जैव-उपचार: भारत की ठोस अपशिष्ट चुनौती का समाधान
ठोस अपशिष्ट के मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव से संबंधित विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार विश्व के नगर निकायों द्वारा उत्पन्न ठोस अपशिष्ट का एक बड़ा भाग आज भी न तो संगृहीत किया जाता है और न ही सुरक्षित रूप से इसका निपटान किया जाता है, बल्कि इसे खुले में फेंक दिया जाता है या जला दिया जाता है।
- इसके परिणामस्वरूप लाखों लोग विषाक्त वायु, जल और मृदा के संपर्क में आ जाते हैं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न होते हैं।
- इस संकट से निपटने के लिए दोहरी रणनीति की आवश्यकता है। पहला, अपशिष्ट उत्पादन को कम करना; और ....
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