“RAMBHA-LP” द्वारा चंद्रमा पर महत्त्वपूर्ण खोज
इसरो ने 9 दिसंबर, 2025 को बताया कि चंद्रयान-3 के लैंडर “RAMBHA-LP” के आंकड़ों के विश्लेषण से चंद्रमा की सतह के दक्षिणी उच्च अक्षांशों पर ‘प्लाज़्मा वातावरण’ (लूनर आयनोस्फीयर) के संबंध में पहली बार महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्राप्त हुए हैं।
- इन निष्कर्षों से पता चला है कि चंद्रमा का विद्युत वातावरण पहले की समझ से कहीं अधिक सक्रिय है।
प्लाज़्मा क्या है?
- भौतिकी में प्लाज़्मा को अक्सर पदार्थ की चौथी अवस्था कहा जाता है। इसमें आयन और मुक्त इलेक्ट्रॉनों जैसे आवेशित कणों का मिश्रण होता है।
- यद्यपि यह कुल मिलाकर विद्युत रूप से तटस्थ होता है, लेकिन यह अत्यधिक चालक (conductive) होता है ....
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