ओडिशा की बाली यात्रा उत्सव
ओडिशा के कटक में 15-22 नवंबर 2024 बाली जात्रा उत्सव का आयोजन किया गया। कटक में महानदी के गडगड़िया घाट पर आयोजित किया जाता है।
- यह एशिया के सबसे बड़े खुले व्यापार मेले में से एक माना जाता है। बाली-यात्रा का शाब्दिक अर्थ 'बाली की यात्रा' है। यह उत्सव ओडिशा (तत्कालीन कलिंग) के समुद्री गौरवमयी इतिहास का प्रतीक माना जाता है।
- यह त्योहार, उस दिन को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है, जब प्राचीन 'साधबा' (sadhabas) या नाविक, व्यापार के लिए इंडोनेशिया में बाली, जावा, सुमात्रा और बोर्नियो और श्रीलंका जैसे दूर देशों के लिए रवाना होते थे।
- यह त्यौहार कार्तिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चपचार कुट
- 2 श्री श्री हरिचंद ठाकुर
- 3 गुरु अंगद देव जी का ज्योति-ज्योत दिवस
- 4 पाणिनि: संस्कृत व्याकरण के मनीषी
- 5 ट्राइब्स आर्ट फेस्ट, 2026
- 6 मासी मगम: तमिल परंपरा का पवित्र उत्सव
- 7 कुरुंबा चित्रकला: नीलगिरि की प्राचीन जनजातीय कला
- 8 गजपति अभिलेख: गुंटूर में ऐतिहासिक खोज
- 9 तमिलनाडु में 8 पुरातात्विक स्थलों पर उत्खनन को ASI की मंजूरी
- 10 केरल में मेगालिथिक लैटराइट शैल-कृत कक्ष की खोज

