प्रारंभिक विशेष

प्रारंभिक परीक्षा: त्वरित स्मरण विशेषांक

भारत का भूगोल

प्रतियोगी परीक्षार्थियों के दृष्टिकोण से ‘भारत का भूगोल’ एक विशाल और प्रायः जटिल विषय है। पारंपरिक पुस्तकों में इसे मुख्यतः स्थिर (Static) विवरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, परंतु UPSC प्रारंभिक परीक्षा का रुझान इससे भिन्न है। आयोग के प्रश्न लगातार गत्यात्मक विषयों, अंतरविषयक संबंधों, तथा डेटा-आधारित अनुप्रयोगों पर केंद्रित हो रहे हैं।

इन्हीं बदलते रुझानों को ध्यान में रखते हुए सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल द्वारा प्रस्तुत यह विशेष सामग्री एक नवीन रणनीति पर आधारित है-

  • टॉपिक वही, जो विगत वर्षों के UPSC प्रश्नों में बार-बार उभरकर सामने आए हैं या भविष्य में संभावित हैं।
  • प्रस्तुतीकरण स्थिर विवरणों के स्थान पर रुझान-आधारित, प्रासंगिक, और गत्यात्मक विश्लेषण के रूप में।
  • उद्देश्य यह कि अभ्यर्थियों को ऐसी सामग्री मिले जो उनकी नियमित पुस्तकों में उपलब्ध नहीं होती, परंतु UPSC के लिए सर्वाधिक उपयोगी है।

इस संकलन की विशेषता यह है कि इसमें सामग्री को डेटा, वर्तमान नीतियों, नवीन परिवर्तनों, भूगोल-नीति संबंध और अनुप्रयोग आधारित दृष्टि के साथ तैयार किया गया है।

हमारा उद्देश्य है कि यह संकलन अभ्यर्थियों को सही विषयों पर, सही गहराई के साथ, सही दिशा में” तैयार करे, ताकि वे विशाल सामग्री के बोझ में उलझने के बजाय, सीधे उन बिंदुओं पर अपनी तैयारी केंद्रित कर सकें जिनसे वास्तविक परीक्षा में सफलता सुनिश्चित होती है

भारत एवं विश्व का भूगोल