राजा रवि वर्मा एवं इंदुलेखा पेंटिंग
29 अप्रैल, 2024 को प्रसिद्ध कलाकार राजा रवि वर्मा की 176वीं जयंती के अवसर पर उनके जन्मस्थान त्रावणकोर के किलिमनूर पैलेस (Kilimanoor Palace) में उनकी प्रतिष्ठित पेंटिंग "इंदुलेखा" (Indulekha) की प्रथम वास्तविक प्रति का अनावरण किया गया।
- इंदुलेखा 19वीं सदी की पेंटिंग है; इस तेल पेंटिंग में इंदुलेखा को अपने प्रेमी माधवन के लिए एक पत्र पकड़े हुए दर्शाया गया है। ‘इंदुलेखा’ ओ चंदू मेनन के पहले आधुनिक मलयालम उपन्यास के एक चरित्र पर आधारित है। यह उपन्यास वर्ष 1889 में प्रकाशित हुआ था, जिसके नायक के. माधवन थे।
- राजा रवि वर्मा का जन्म अप्रैल 1848 में केरल के किलिमनूर में एक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना

