तीन भारतीय कृतियां यूनेस्को के MOW एशिया-पैसिफिक रजिस्टर में शामिल
भारत की तीन साहित्यिक कृतियों- रामचरितमानस, पंचतंत्र और सहृदयलोक-लोकन को 'यूनेस्को के मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड एशिया-पैसिफिक रीजनल रजिस्टर' (UNESCO's Memory of the World Asia-Pacific Regional Register) में शामिल किया गया है।
- यह निर्णय 'मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड कमेटी फॉर एशिया एंड द पैसिफ़िक' (MOWCAP) की 10वीं आम बैठक में लिया गया, जो 7-8 मई, 2024 के दौरान मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में आयोजित की गई।
- बैठक की मेजबानी मंगोलिया के संस्कृति मंत्रालय, यूनेस्को के लिए मंगोलियाई राष्ट्रीय आयोग और बैंकॉक स्थित यूनेस्को के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा की गई।
- MOWCAP की स्थापना के बाद से यह पहली बार है जब एक साथ भारत ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 इंडोनेशिया में विश्व की सबसे प्राचीन ज्ञात शैल-चित्रकला की खोज
- 2 शिक्षापत्री द्विशताब्दी महोत्सव
- 3 कठपुतली कला
- 4 सावित्रीबाई फुले
- 5 तिरुवल्लुवर
- 6 ज़ेहनपोरा स्तूप उत्खनन: प्राचीन कश्मीर की बौद्ध धरोहर का अनावरण
- 7 भद्रकाली अभिलेख
- 8 आंध्र प्रदेश में आठवीं शताब्दी का तेलुगु अभिलेख प्राप्त
- 9 लक्कुंडी उत्खनन
- 10 पवित्र “पिपरहवा अवशेष”

