भारत की वैश्विक रणनीतिक साझेदारियां
भारत की विदेश नीति एक ऐसे रणनीतिक रूपांतरण के दौर से गुजर रही है, जो बदलती वैश्विक व्यवस्था की माँगों को पूरा कर सके। यह नीति रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) के मूलमंत्र पर आधारित है, जिसके सहारे भारत विभिन्न क्षेत्रों और देशों के साथ सक्रिय साझेदारियाँ विकसित कर रहा है। बहुपक्षीय मंचों और द्विपक्षीय संबंधों के माध्यम से, यह न केवल राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहा है, बल्कि एक समावेशी और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा, क्षेत्रीय अस्थिरता और आर्थिक बदलावों के मध्य तेज़ी से बदलते वैश्विक ....
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