चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर का 'हॉप प्रयोग'
हाल ही में, ISRO ने चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर द्वारा चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक किए गए एक 'नियंत्रित हॉप प्रयोग' (Controlled Hop Experiment) के वैज्ञानिक निष्कर्षों की पुष्टि की है।
मुख्य बिंदु
- कमान मिलने पर विक्रम लैंडर ने अपने इंजन चालू किए, सतह से लगभग 40 सेमी ऊपर उठा (उछला) और 30-40 सेमी दूर फिर से सुरक्षित लैंडिंग की।
- इस प्रयोग के लिए रेंप, ChaSTE और ILSA जैसे पेलोड्स को मोड़ा गया और बाद में फिर से तैनात किया गया।
- ChaSTE पेलोड के डेटा से पता चला कि चंद्र रेगोलिथ (Lunar regolith) में कुछ सेंटीमीटर की गहराई में दो परतों वाली ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार
- 3 नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट
- 4 मई 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
- 1 भारत में 60% मौतों का कारण गैर-संचारी रोग
- 2 बिरसा 101: भारत की पहली स्वदेशी CRISPR जीन थेरेपी
- 3 भारत का पहला स्पेस-टेक उत्कृष्टता केंद्र
- 4 ICMR और ICAR की 'SEHAT' (सेहत) पहल
- 5 मानव रक्त के 98.8% नमूनों में PFAS की पहचान
- 6 भारत का पहला AI ऑर्बिटल डेटा सेंटर (ODC) सैटेलाइट: पाथफाइंडर
- 7 तमिलनाडु और गुजरात में साझा अंतरिक्ष अवसंरचनाओं को मंजूरी
- 8 IN-SPACe द्वारा PSLV तकनीक का पूर्ण हस्तांतरण
- 9 ISS पर कैंसर और उपास्थि अनुसंधान
- 10 गैलेक्सीआई द्वारा ओप्टोसार उपग्रह लॉन्च

