एफआईआई को ग्रीन बांड में निवेश की अनुमति
5 अप्रैल, 2024 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को देश के 'सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड्स' (SGrBs) में निवेश करने की अनुमति दी गई।
- विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ऐसे संगठन अथवा संस्थाएं होती हैं, जो अपने देश के अलावा किसी अन्य देश के वित्तीय बाजारों में धन का निवेश करती हैं।
- इन निवेशकों में पेंशन फंड, म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, बैंक और विदेशों के अन्य बड़े वित्तीय संस्थान शामिल हो सकते हैं। FIIs किसी देश के वित्तीय बाजारों में तरलता एवं ट्रेडिंग वॉल्यूम (Liquidity and Trading Volume) में वृद्धि तथा स्टॉक की कीमतों को प्रभावित करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाते ....
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