जैव-परिवर्तन प्रौद्योगिकी
हाल ही में, यूनाइटेड किंगडम स्थित एक स्टार्टअप ने 'जैव-परिवर्तन प्रौद्योगिकी' (Biotransformation Technology) विकसित करने का दावा किया है, जो प्लास्टिक की अवस्था को बदलकर उसका जैव निम्नीकरण करने में सक्षम है।
तकनीकी आवश्यकता क्यों?
- भारत वार्षिक रूप से 3.5 अरब किलोग्राम प्लास्टिक अपशिष्ट पैदा कर रहा है और पिछले पाँच वर्षों में प्रति व्यक्ति प्लास्टिक अपशिष्ट का उत्पादन भी दोगुना हो गया है। इसमें से एक-तिहाई प्लास्टिक पैकेजिंग उद्योग से आता है।
- जर्मनी की स्टेटिस्टा कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा उत्पन्न प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे की वैश्विक मात्रा एक अरब किलोग्राम से अधिक थी।
- हमारे आस-पास ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बुढ़ापा और स्टेम कोशिकाएं
- 2 WHO फार्माकोविजिलेंस में भारत की वैश्विक छलांग
- 3 DRDO द्वारा स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण
- 4 ‘डिसोबिंड’ AI
- 5 ISRO के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी
- 6 ध्रुव न्यू जेनरेशन (Dhruv-NG) हेलीकॉप्टर
- 7 PARAM शक्ति सुपरकंप्यूटर
- 8 IIT मद्रास द्वारा रैमजेट-संचालित आर्टिलरी का विकास
- 9 अल्ट्रा-कोल्ड एटम
- 10 चीन के EAST रिएक्टर ने परमाणु संलयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया
- 1 लिक्विड नैनो-डाई अमोनियम फास्फेट उर्वरक
- 2 डीएनए टीका
- 3 बायो-कंप्यूटर
- 4 दुर्लभ रोगों की दवाओं के आयात पर सीमा शुल्क में राहत
- 5 लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान
- 6 मेघा-ट्रॉपिक्स-1 उपग्रह
- 7 वनवेब इंडिया-2 मिशन
- 8 स्वास्थ्य क्षेत्र में AI के उपयोग हेतु दिशा-निर्देश
- 9 6G टेस्ट बेड का शुभारंभ
- 10 निर्देशित ऊर्जा व हाइपरसोनिक हथियार
- 11 सफेद फास्फोरस बम

