जैविक कृषिः वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाएं
- भारत का खाधान्ना उत्पादन वर्ष 1950-51 में 50.8 मिलियन टन से बढ़कर 2022-23 में 329.7 मिलियन टन के प्रभावशाली स्तर तक पहुंच गया है। भारत में खाधान्ना उत्पादन में यह वृद्धि (2.71% की वार्षिक चक्र वृद्धि दर) पिछले 72 वर्षों के दौरान जनसंख्या की वृद्धि दर (1.98%) को पीछे छोड़ चुकी है।
- वर्ष 2001 में आरंभ किए गए ‘राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम’ (NPOP) के माध्यम से देश में जैविक कृषि क्षेत्र के विकास की व्यवस्थित नींव पड़ी।
- NPOP को भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत ‘कृषि और प्रसंस्कृत खाध उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण’ (APEDA) द्वारा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें

