पीलिंग द लेयर्स: ए रिव्यू ऑफ द एनबीएफसी सेक्टर इन रीसेंट टाइम्स
हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा 'पीलिंग द लेयर्स: ए रिव्यू ऑफ द एनबीएफसी सेक्टर इन रीसेंट टाइम्स' (Peeling the Layers: A Review of the NBFC Sector in Recent Times) नामक शीर्षक से एक अध्ययन प्रकाशित किया गया है।
अध्ययन के प्रमुख निष्कर्ष
- इस अध्ययन में कहा गया है कि, भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के क्षेत्र ने पैमाने-आधारित विनियमन (SBR) ढांचे के भीतर लचीलापन प्रदर्शित करना जारी रखा है, परिसंपत्ति की गुणवत्ता में सुधार किया है और अपने वित्तपोषण आधार में विविधता लाई है।
- अक्टूबर 2022 में पैमाने-आधारित विनियमन (SBR) ढांचे की शुरुआत के बाद से, NBFCs ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह
- 2 यंत्र इंडिया लिमिटेड को ‘मिनीरत्न’ श्रेणी–I का दर्जा
- 3 सावलकोट जलविद्युत परियोजना
- 4 उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS)
- 5 केन–बेतवा नदी जोड़ो परियोजना
- 6 न्यूनतम वैकल्पिक कर (MAT)
- 7 कृषि अवसंरचना कोष
- 8 कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA)
- 9 लीड बैंक योजना के लिए RBI के संशोधित दिशा-निर्देश
- 10 ‘युवा एआई फॉर ऑल’ पहल के अंतर्गत ‘कौशल रथ’
- 1 प्राथमिकता क्षेत्र ऋण: भारतीय अनुभव
- 2 सेबी (विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक) (संशोधन) विनियम, 2024
- 3 एक्सक्लूसिव लॉन्च प्रतिस्पर्धा विरोधी कानूनों का उल्लंघन
- 4 वर्ष 2034 तक 500 मिलियन टन इस्पात उत्पादन का लक्ष्य
- 5 54वीं जीएसटी परिषद बैठक
- 6 गैलेथिया खाड़ी 'प्रमुख बंदरगाह' के रूप में अधिसूचित
- 7 जल विद्युत परियोजनाओं हेतु बजटीय सहायता की योजना में संशोधन
- 8 डिजिटल कृषि मिशन को मंजूरी
- 9 एग्रीश्योर फंड और कृषि निवेश पोर्टल का शुभारंभ
- 10 खनिज सुरक्षा भागीदारी वित्त नेटवर्क

