प्रौद्योगिकी आपदा प्रबंधन में किस प्रकार सहायक हो सकती है? - नूपुर जोशी
2025 के मानसून काल में देहरादून सहित जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में आई बाढ़ ने भारत के पर्वतीय राज्यों की जलवायु-प्रेरित आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता को उजागर किया। मेघ प्रस्फोट (Cloudbursts), भू-स्खलन (Landslides) और तात्कालिक बाढ़ (Flash Floods) ने जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया, अवसंरचना को नष्ट किया और आजीविका को प्रभावित किया। लेकिन इन घटनाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि आपदा प्रबंधन में प्रौद्योगिकी एक केंद्रीय भूमिका निभा रही है, जिससे प्रतिक्रिया तेज होती है, योजना बेहतर बनती है और पुनर्निर्माण सूचित रूप से किया जा सकता है।
आपदा प्रबंधन चक्र में प्रौद्योगिकी का उपयोग
- रोकथाम (Prevention)
- GIS ....
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