भारत-तालिबान संबंध: रणनीतिक आवश्यकता और बदलता रुख

15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित तालिबान-नियंत्रित अफगान दूतावास ने काबुल पर तालिबान के कब्जे के पाँच वर्ष पूरे होने पर ‘विजय दिवस’ मनाया। इसमें भारतीय अधिकारियों सहित लगभग दो दर्जन विदेशी राजनयिकों की भागीदारी भारत-तालिबान संबंधों में आए बदलाव को दर्शाती है। 2021 में भारत ने अपना दूतावास खाली कर दिया था, जबकि आज दोनों के बीच ‘सावधानीपूर्ण जुड़ाव’ बढ़ रहा है, हालांकि औपचारिक राजनयिक मान्यता अभी नहीं दी गई है।

भारत के बढ़ते जुड़ाव के कारण

  • 2001 के बाद भारत ने अफगानिस्तान में लगभग 2-3 अरब डॉलर का विकासात्मक निवेश किया। तालिबान की वापसी के बाद ....
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