भारतीय कृषि की बदलती प्रवृत्ति
कृषि क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था या भारत की जीडीपी का छठवां भाग निर्मित करता है; इसके साथ ही देश की 42 प्रतिशत आबादी आज भी अपनी आजीविका के लिए कृषि क्षेत्र पर ही निर्भर है।
- यह गरीबी निवारण, पौषणिक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, पारिस्थितिकीय स्थायित्व पर्यावरणीय संतुलन और ग्रामीणों की गैर कृषि आय को आधार प्रदान करता है। स्वतंत्रता के पश्चात से वर्तमान 21वीं सदी तक भारतीय कृषि में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिसने भारतीय कृषि की दशा एवं दिशा दोनों बदल दी है।
बदलती प्रवृत्ति
- सकल मूल्यवर्द्धन में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारीः कृषि क्षेत्र आजादी के बाद से लंबे समय तक अर्थव्यवस्था ....
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- 5 पुरस्कार एवं सम्मान
- 6 नियुक्ति और त्यागपत्र
- 7 रक्षा (Defense)
- 8 खेल समाचार
- 9 अर्थव्यवस्था
- 10 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी
पत्रिका सार
- 1 भारत में सहकारी समितियों का सशक्तीकरण
- 2 कृषि ऋण सहकारी समितियां : डिजिटलीकरण के माध्यम से सशक्तीकरण
- 3 कृषि एवं ड्रोन प्रौद्योगिकी
- 4 कृषि आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
- 5 जलवायु अनुकूल कृषि हेतु रणनीतियाँ एवं पहल
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- 7 भारत में सतत कृषि विकास हेतु नवाचार
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