भारतीय मानसून : उत्पत्ति, प्रसार एवं जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
हाल ही में, भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department - IMD) ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मानसून वर्षा के सामान्य होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। भारतीय ‘ग्रीष्मकालीन मानसून’ भारत की जलवायु प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है, जो हमारे देश की कृषि, जल संसाधनों और समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रभावित करता है।
- मूलतः भारतीय मानसून प्रणाली हवाओं का एक विशिष्ट मौसमी उत्क्रमण है, जिसमें मूलतः हिंद महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आने वाले हवाओं द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप में प्रचुर मात्रा में वर्षा होती है।
मानसून की उत्पत्ति
- भूमि और महासागर का तापान्तरः भारतीय ....
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संबंधित सामग्री
पत्रिका सार
- 1 भारत में सहकारी समितियों का सशक्तीकरण
- 2 कृषि ऋण सहकारी समितियां : डिजिटलीकरण के माध्यम से सशक्तीकरण
- 3 कृषि एवं ड्रोन प्रौद्योगिकी
- 4 कृषि आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन
- 5 जलवायु अनुकूल कृषि हेतु रणनीतियाँ एवं पहल
- 6 सतत कृषि : मुद्दे तथा सहायक कृषि पद्धतियां
- 7 भारतीय कृषि की बदलती प्रवृत्ति
- 8 भारत में सतत कृषि विकास हेतु नवाचार
- 9 जलवायु परिवर्तन एवं समुद्री तूफान

