नकली वकील : कानूनी पेशे में संकट

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “हजारों धोखेबाज लोग संदिग्ध डिग्रियों के साथ काले वस्त्र पहने हुए हैं” और मामले में CBI हस्तक्षेप की आवश्यकता है। चीफ जस्टिस सूर्य कांत ने कहा कि यह मुद्दा सीनियर एडवोकेट पदनामों की प्रक्रिया में देरी से कहीं आगे तक फैला हुआ है। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने टिप्पणी की कि सीनियर एडवोकेट का पदनाम “प्रतिष्ठा का प्रतीक मात्र” नहीं हो सकता, बल्कि यह पेशेवर जिम्मेदारी से जुड़ा होना चाहिए।

नीतिशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य

  • व्यावसायिक अखंडता का क्षरण: “हजारों नकली वकील” की पहचान केवल एक प्रशासनिक समस्या नहीं है, बल्कि ....
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