ग्रेट निकोबार परियोजना: राष्ट्रीय सुरक्षा बनाम पारिस्थितिकी और आदिवासी अधिकार

मई 2026 में, 72,000-90,000 करोड़ रुपये की लागत वाली ग्रेट निकोबार परियोजना फिर से चर्चा में आई।नेता प्रतिपक्ष ने लोकसभा में सवाल उठाया कि क्या इस परियोजना के सामरिक लाभ इसके पारिस्थितिक, मानवीय और सामाजिक परिणामों को उचित ठहराते हैं। यह परियोजना गैलाथिया बे में एक अंतरराष्ट्रीय कंटेनर टर्मिनल, दोहरे उपयोग वाला हवाई अड्डा, एक हाइब्रिड एनर्जी सिस्टम और एक आधुनिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखती है। विशेषज्ञ इसे रणनीतिक दृष्टि से चीन के “स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स” का मुकाबला करने के लिए आवश्यक मानते हैं, लेकिन पर्यावरणीय दृष्टि से इसे “पारिस्थितिकी तबाही” का नुस्खा बताया जा रहा है।

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