भारत का परिधान निर्यात संकट स्व-प्रेरित
हाल ही में, थिंक टैंक 'ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव' (GTRI) द्वारा 'जटिल प्रक्रियाएं, आयात प्रतिबंध और घरेलू हित भारत के परिधान निर्यात में किस प्रकार बाधा डालते हैं ' (How Complex Procedures, Import Restrictions and Domestic Interests Hinder India’s Garments Exports) नामक शीर्षक से एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।
- रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में भारत के श्रम-प्रधान परिधान क्षेत्र (Apparel Sector) से निर्यात 14.5 बिलियन डॉलर रहा है, जो एक दशक पूर्व (2013-14) के स्तर से भी कम है। भारत का परिधान निर्यात 2013-14 में 15 बिलियन डॉलर था।
- 2013 और 2023 के बीच, वियतनाम से परिधान निर्यात लगभग 82% ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2025
- 2 RBI ने WACR को मौद्रिक लक्ष्य के रूप में बरकरार रखा
- 3 वस्त्र उद्योग के लिए पीएलआई योजना में संशोधन
- 4 सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) की संवैधानिक वैधता पर विचार
- 5 फाइनेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल (FIDC) को SRO का दर्जा
- 6 कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं प्रतिस्पर्धा पर बाजार अध्ययन
- 7 RBI ने डिजिटल करेंसी रिटेल सैंडबॉक्स लॉन्च किया
- 8 NPCI की नई सहायक कंपनी: NPCI टेक सॉल्यूशंस लिमिटेड
- 9 क्रिटिकल मिनरल्स की खोज हेतु समझौता ज्ञापन
- 10 उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के अंतर्गत बाह्य प्रेषण में गिरावट
- 1 अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के लिए ₹1000 करोड़ का उद्यम पूंजी कोष
- 2 विश्व बैंक समूह गारंटी प्लेटफॉर्म
- 3 चीन से पाकिस्तान जा रही प्रतिबंधित रसायनों की खेप जब्त
- 4 बैंकों के उच्च ऋण-जमा अनुपात पर आरबीआई की चिंता
- 5 क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के लिए सेबी के नवीन दिशानिर्देश
- 6 भारत 'उत्पादक मूल्य सूचकांक' मॉडल को अंतिम रूप देने के करीब
- 7 12 औद्योगिक पार्क बनाने का प्रस्ताव: केंद्रीय बजट 2024-25
- 8 महत्वपूर्ण खनिजों के संबंध में अधिकतम क्षेत्र सीमा में छूट

